Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
फैज़ाबाद। अयोध्या से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के गुरुवार के फैसले का अयोध्या के जनमानस को भी बेसब्री से इंतजार था। सभी के मन में एक ही सवाल था कि आखिर फैसला क्या होगा? जब देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आया तो जहां एक तरफ राम मंदिर समर्थक खुश नजर आए, वहीं मस्जिद समर्थकों में मायूसी देखी गई।
शीर्ष अदालत फैसले के बाद रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास ने कहा कि यह फैसला बहुत सही आया है, जो कि राम मंदिर निर्माण में सहयोगी होगा। जल्द ही रामजन्म भूमि का निर्माण शुरू होगा। वहीं विश्व हिन्दू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा की इबादत तो कहीं भी की जा सकती है, किन्तु पूजा केवल मंदिर में ही की जाती है। इस नजरिए से आज का फैसला एकदम सही आया है।
दूसरी ओर बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाजी महबूब ने साफ तौर पर कहा कि जहां मस्जिद है तो वहां नमाज भी अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले पर हम कुछ भी नहीं कह सकते हैं, लेकिन राजनीति तो साफ-साफ झलकती है। साथ ही कहा कि राम जन्मभूमि व बाबरी मस्जिद मुद्दे पर भी फैसला जल्द से जल्द आना चाहिए, जिससे इस पर हो रही राजनीति बंद हो।
वहीं अयोध्या के संत स्वामी परमहंस ने कहा कि यह फैसला पूर्ण रूप से सही है। मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नजमुल हसन गनी ने इस फैसले पर कहा कि नमाज तो मस्जिद के अंदर व बाहर दोनों जगह अदा की जाती है और सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को मान्य भी है, लेकिन सरकार का नारा 'सबका साथ सबका विकास' कहां चला गया।