Publish Date: Sat, 10 Feb 2018 (13:55 IST)
Updated Date: Sat, 10 Feb 2018 (14:01 IST)
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 73 झोलाछाप डाक्टरों की दुकानों में छापा मारकर तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चौधरी ने शनिवार को यहां बताया कि जानलेवा बीमारी एड्स फैलाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 73 झोलाझाप डॉक्टरों की दुकानों में छापा मारा है। इस मामले में 41 को नोटिस जारी किया गया है, जबकि 11 दुकानों को सील किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन झोलाझाप डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि बांगरमऊ कस्बे में अपने को डॉक्टर बताने वाला एक एक झोलाछाप साइकिल से आता था। मरीजों का उपचार करता था और चला जाता था। इस मामले 566 लोगों की जांच की गई जिनमें से 33 लोगों में जानलेवा बीमारी एड्स की पुष्टि हो गई है।
चौधरी ने बताया कि राजेन्द्र यादव नाम का तथाकथित डॉक्टर एक ही सिरिंज से सभी मरीजों को सुई लगाता था। इसी वजह से क्षेत्र में कई लोगों को एड्स होने की सूचना मिली थी। बांगरमऊ कस्बे और उसके आसपास के गांव के 566 लोगों की जांच कराई गई, जिसमें 38 में लोगों में संभावित रूप से एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। दोबारा जांच कराए जाने पर 33 लोगों में इसकी पुष्टि हो गई। इन मरीजों को लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय रेफर कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में बांगरमऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ. प्रमोद दोहरे ने राजेन्द्र यादव के खिलाफ 31 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस जांच कर रही है।
इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी की दो सदस्यीय टीम भी जांच कर रही है। राजेन्द्र यादव ने आसपास के इलाकों में जिसका भी इलाज किया था, उन्हें खोजकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। राजेन्द्र फरार बताया जा रहा है। (वार्ता)
webdunia
Publish Date: Sat, 10 Feb 2018 (13:55 IST)
Updated Date: Sat, 10 Feb 2018 (14:01 IST)