Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
जमातुल विदा क्या हैं: जमात-उल-विदा रमज़ान के महीने में आखिरी जुमा (शुक्रवार) को कहा जाता है। जमात-उल-विदा का अर्थ है 'अलविदा जुमा'। यह मुसलमानों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन, मुसलमान मस्जिदों में इकट्ठा होकर नमाज पढ़ते हैं और खुदा से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं।
जमात-उल-विदा का महत्व: यह रमज़ान के महीने का आखिरी जुमा होता है, इसलिए इसका विशेष महत्व है। इस दिन, मुसलमान खुदा से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और दुआएं करते हैं। यह दिन मुसलमानों को याद दिलाता है कि उन्हें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। यह दिन ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करने का भी दिन है।
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जमात-उल-विदा कैसे मनाया जाता है?
- इस दिन, मुसलमान सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और नए कपड़े पहनते हैं।
- वे मस्जिदों में इकट्ठा होकर नमाज पढ़ते हैं और खुदा से दुआएं करते हैं।
- वे अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खाना खाते हैं।
- वे ग़रीबों और ज़रूरतमंदों को दान देते हैं।
जमात-उल-विदा मुसलमानों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन, वे खुदा से अपने करीब होने की कोशिश करते हैं और अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रार्थना करते हैं।
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