Hanuman Chalisa

Ramadan 2024: रमजान माह में होते हैं 3 अशरे, जानें महत्व और खासियत

WD Feature Desk
HIGHLIGHTS
• इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना है 'रमजान'। 
• शुरू हो गई रमजान माह की विशेष नमाज ‘तारावाही’।
• 30 दिन चलेगा रमजान माह। 

ALSO READ: Ramadan Date 2024: शुरू हुआ रमजान का मुबारक महीना, जानें कब मनेगी ईद?
 
ramadan importance: इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक नौवां महीना रमजान का होता है। इस बार भारत में 12 मार्च से रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। और पुन: हर बार की तरह इस बार भी माहे रमजान में रोजे के समय बाजारों में रौनक दिखाई पड़ेगी। 
 
रमजान का पवित्र महीना रहमत और बरकत से भरा माना जाता है, जो मोमिनों को अल्लाह से प्यार और लगन जाहिर करने के साथ खुद को खुदा की राह की कसौटी पर कसने का मौका देता है।
 
रमजान का महीना सबसे खास माना गया है। हर बंदे के लिए रमजान का महीना अल्लाह की नेमत है। इस माह का हर मिनट बहुत कीमती माना जाता है। इस पूरे माह में इस्लाम धर्म के लोग रोजा रखकर और बुरे कामों से तौबा कर हर नेक कार्य करने के साथ रोजे रखते हैं तथा असहायों की मदद करते है। 
 
इस्लाम धर्म में 'रमजान' रहमत बरकत और मगफिरत का महीना है। माना जाता है कि अल्लाह ने मुसलमानों पर रोजे इसलिए फर्ज फरमाए हैं जिससे अपने अंदर तकवा परहेजगारी पैदा कर सके। इन दिनों में यदि कोई व्यक्ति भूखा या प्यासा रहता है तथा बुरे कामों को नहीं छोड़ता है, तो उसका रोजा सिर्फ फांके के सिवा कुछ नहीं है, ऐसा समझा जाता है। 
 
रमजान में हर नेक और बुरे काम का बदला सत्तर गुना अधिक होता है। अल्लाह भी ऐसे लोगों के रोजे पसंद नहीं करते हैं, जो अपने बुरे काम न छोड़े। रमजान में अल्लाह हर इंसान को मौका देता है कि वह अपने बुरे कामों से तौबा करे और अच्छे काम करने का दृढ़ संकल्प करें। 
 
इस धर्म में रमजान मास को पूरे तीन अशरों में बांटा गया है। रमजान के पहले दस दिनों को पहला अशरा, दूसरे दस दिनों को दूसरा अशरा और आखिरी दस दिनों को तीसरा अशरा का जाता है। यानी पहले रोजे से दसवें रोजे तक पहला अशरा, ग्यारहवें रोजे से बीसवें रोजे तक दूसरा अशरा और इक्कीसवें रोजे से तीसवें रोजे तक तीसरा अशरा होता है। अत: इस्लाम धर्म के अनुसार इस पवित्र महीने में मुस्लिम लोग रोजा रखते हैं तथा तीस दिनों बाद चांद देखकर ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाते हैं। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: Ramadan Date : 2024 में रमजान मास कब से है?
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिक मास कब से कब तक? इस पवित्र महीने में करें ये 5 शुभ काम, खुल सकता है भाग्य

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

सभी देखें

धर्म संसार

कष्टों से मुक्ति चाहिए? हनुमान जयंती के दिन कर लें ये 3 गुप्त उपाय, बजरंगबली तुरंत सुनेंगे पुकार

हनुमान जयंती 2026: इस दिन ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, उपाय से दूर होंगे शनि-मंगल के सभी कष्ट

Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा कब है क्या महत्व है इस दिन का और क्या करें इस दिन?

Hanuman jayanti 2026: हनुमान पूजा सामग्री, विधि, शुभ मुहूर्त, आरती, मंत्र, प्रसाद, चालीसा, कथा और लाभ

हनुमान जयंती पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद

अगला लेख