Hanuman Chalisa

Ramadan 2022 29th day: 29वां रोजा देता है रमजान के रुखसत और अल्लाह की रहमत का पैगाम

Webdunia
Ramadan 2022 : उन्तीसवां रोज़ा आ रहा है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान माह के बाद आनेवाले 10वें महीने शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। ईद कब मनाई जाएगी यह चांद के दीदार होने पर तय किया जाता है।
 
ईद की तारीख चांद के अनुसार तय होती है। वैसे इस बार ईद-उल-फितर 2 या 3 मई को मनाए जाने की उम्मीद है। कोरोना का साया पूरी तरह खत्म नहीं होने के कारण अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए ही ईद-उल-फितर का त्योहार मनाना उचित रहेगा।

जिस दिन शाम को ईद का चांद नजर आता है तो माहे-रमज़ान के आख़िरी अशरे यानी दोज़ख से निजात के अशरे (नर्क से मुक्ति का कालखंड) का यह आख़िरी रोज़ा होगा। लेकिन चांद नज़र नहीं आता है तो इंशाअल्लाह अगले दिन तीसवां और आख़िरी रोज़ा होगा यानी सवाब (पुण्य) का एक और दिन।
 
उन्तीसवां रोज़ा रमज़ान की रुख़सत के इशारे के साथ रोज़ादारों और नेक बंदों से अल्लाह पर ईमान के साथ दुआ का पैग़ाम दे रहा है।

माहे-रमज़ान में रोज़े रखते हुए तिलावते क़ुरआन करते हुए (कुरआन का पाठ करते हुए), इबादत करते हुए अनजाने में जो भूलें या ग़लतियां हुई हैं, रोज़ादार की किसी बात से किसी का दिल दुख गया हो। फ़र्ज़ में कोई कमी रह गई हो, न चाहते हुए भी यानी ज़ब्त करने के बाद भी ग़ुस्सा आ गया हो, वादाख़िलाफ़ी हो गई हो।

अनजाने ही कोई कोताही हो गई हो तो तौबा-ए-अस्तग़फ़ार (गुनाहों का प्रायश्चित) करके अल्लाह से अपने मां-बाप, मुल्क और दुनिया की भलाई के लिए कसरत से (बहुलता से) दुआ मांगना चाहिए। अगरचे ' दुनिया' लफ़्ज़ में रोज़ादार बज़ाते ख़ुद मां-बाप, मुल्क आ जाते हैं।

फिर भी रोज़ादार का फ़र्ज़ है कि मां-बाप के लिए दुआ मांगे, क्योंकि कुरआने-पाक की सूरह 'अन्कबू्‌त' की आठवीं आयत में अल्लाह का इरशाद (आदेश) है-' और हमने इंसान को अपने मां-बाप के साथ नेक सुलूक करने का हुक्म दिया है।'
 
इसी तरह क़ुरआने पाक की सूरह इब्राहीम की इकतालीसवीं आयत में अल्लाह का इरशाद (आदेश) है "ऐ परवरदिगार हिसाब (किताब) के दिन मुझको और मेरे मां-बाप को और मोमिनों (ईमान वालों) को मग़फ़िरत (मोक्ष) दें। 'हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का फ़रमान है कि अपने मां-बाप, अपने मुल्क और दुनिया की ख़ुशहाली और अमन-सुकून के लिए अल्लाह से दुआ करें। क्योंकि दिल से जो निकली दुआ खाली नहीं जाती यानी वो अल्लाह से टाली नहीं जाती। (आमीन!)
सौजन्य से - अज़हर हाशमी

Ramadan 2022 India

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

धर्म संसार

वैवस्वत पूजा क्यों करते हैं क्या है इसका महत्व और कथा

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की आठवीं देवी मां बगलामुखी, जानिए पूजा विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 जुलाई, 2026)

21 July Birthday: आपको 21 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 जुलाई 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख