Publish Date: Wed, 25 Mar 2026 (12:45 IST)
Updated Date: Wed, 25 Mar 2026 (13:43 IST)
ram navami kab hai 2026 date:साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की पूर्णता और राम नवमी की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं के बीच थोड़ी उलझन की स्थिति है। पंचांग की गणना के कारण विद्वानों के दो अलग-अलग मत सामने आए हैं। आइए, इस गुत्थी को सुलझाते हैं और जानते हैं आपके लिए पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय क्या है।
तारीखों का गणित: नवमी तिथि का समय
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि नवमी तिथि कब से कब तक है:
प्रारंभ: 26 मार्च 2026, दोपहर 11:48 बजे से।
समाप्ति: 27 मार्च 2026, सुबह 10:06 बजे तक।
दो मत, दो तर्क: आप किसे चुनें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार राम नवमी को लेकर दो मुख्य विचारधाराएं हैं:
1. स्मार्त मत (26 मार्च, गुरुवार)
तर्क: भगवान राम का जन्म 'मध्याह्न' (दोपहर) के समय हुआ था। 26 मार्च को दोपहर के समय नवमी तिथि पूरी तरह विद्यमान है। पंडित हेमंत रिछारिया जी जैसे विद्वानों का मानना है कि चूंकि जन्म का मुख्य समय (दोपहर 12 बजे के आसपास) 26 तारीख को मिल रहा है, इसलिए इसी दिन उत्सव मनाना शास्त्रसम्मत है।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:51 तक।
मुख्य क्षण: दोपहर 12:27 बजे।
2. वैष्णव एवं अयोध्या मत (27 मार्च, शुक्रवार)
तर्क: वैष्णव संप्रदाय, इस्कॉन और अयोध्या के मंदिरों में 'उदयातिथि' (सूर्योदय के समय की तिथि) को प्रधानता दी जाती है। 27 मार्च को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी, इसलिए पूरे दिन का पर्व इसी तारीख को मनाया जाएगा। अयोध्या में भी मुख्य उत्सव 27 मार्च को ही होगा।
पूजा का श्रेष्ठ समय: सुबह 11:14 से दोपहर 01:41 तक।
मध्याह्न का मुख्य क्षण: दोपहर 12:32 बजे।
विशेष सुझाव:
यदि आप परंपराओं और उदयातिथि को मानते हैं, तो 27 मार्च को राम नवमी मनाना श्रेष्ठ है, क्योंकि अयोध्या धाम में भी इसी दिन उत्सव की धूम रहेगी। हालांकि, जो भक्त जन्म के समय की तिथि (मध्याह्न व्यापिनी) को महत्व देते हैं, वे 26 मार्च को पूजन कर सकते हैं।