Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 (17:09 IST)
Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 (17:20 IST)
Rakhi 2026: रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक है। इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को मनाया जा रहा है। राखी का यह सूत केवल एक धागा नहीं, बल्कि भाई की लंबी उम्र और बहन की सुरक्षा का संकल्प है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, रक्षासूत्र बांधते समय कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य माना गया है ताकि पूजा पूर्ण फलदायी हो।
1. इष्टदेव को पहली राखी अर्पित करें
राखी की रस्म शुरू करने से पूर्व सबसे पहली रक्षासूत्र भगवान श्री गणेश, अपने कुलदेवता या कान्हा जी को अर्पित करें। देवताओं का आशीर्वाद लेने से त्योहार की शुभता कई गुना बढ़ जाती है और रिश्ते में मधुरता बनी रहती है।
2. भद्रा काल और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें
ज्योतिष में भद्रा काल के दौरान राखी बांधना पूर्णतः वर्जित माना गया है। भद्रा समय में किया गया शुभ कार्य फलदायी नहीं होता। इसलिए पंचांग के अनुसार भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में ही भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधें।
3. सिर ढंकना न भूलें
सनातन परंपरा में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या पूजा-पाठ के दौरान सिर ढंकना श्रद्धा और मर्यादा का प्रतीक है। राखी बांधते समय बहन और भाई दोनों का सिर रुमाल या चुनरी से ढका होना चाहिए।
4. रक्षाबंधन मंत्र का जाप अवश्य करें
राखी बांधते समय इस पौराणिक मंत्र का उच्चारण करने से रक्षासूत्र की शक्ति और भाई की आयु वृद्धि की मान्यता है:
"येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि, रक्षे माचल माचल:॥"
अर्थ: जिस रक्षासूत्र से महाबली असुरराज बलि को बांधा गया था, उसी से मैं तुम्हें बांधती हूँ। हे रक्षासूत्र! तुम अपने वचन से कभी विचलित न होना।)
5. दिशा का विशेष ध्यान (वास्तु नियम)
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रक्षासूत्र बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। ये दिशाएँ सकारात्मक ऊर्जा और वृद्धि की प्रतीक हैं। भाई का मुख कभी भी दक्षिण दिशा की ओर न रखें।
6. पूजा थाली की शुद्धता और दक्षिणा
अखंडित सामग्री: पूजा की थाली में रखा दीया टूटा हुआ न हो और अक्षत (चावल) पूरी तरह साबुत होने चाहिए। खंडित सामग्री का प्रयोग अशुभ माना जाता है।
उपहार व दक्षिणा: राखी बंधवाने के बाद भाई अपनी सामर्थ्य अनुसार बहन को उपहार या दक्षिणा अवश्य दे। यह बहन के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का नियम है।
7. चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें
राखी बांधने, तिलक करने और मिठाई खिलाने के बाद छोटे भाई को अपनी बड़ी बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए। यदि बहन छोटी है, तो वह बड़े भाई का आशीर्वाद ले। इससे परिवार में प्रेम और आदर का भाव मजबूत होता है।
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त: