Hanuman Chalisa

राजस्थान में अशोक गहलोत का दावा, कांग्रेस की जबरदस्त लहर

Webdunia
शुक्रवार, 23 नवंबर 2018 (16:30 IST)
जोधपुर। कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में अंदरखाने जबरदस्त लहर का दावा करते हुए कहा है कि लोगों में सत्तारुढ़ भाजपा के खिलाफ भारी नाराजगी है। राजस्थान में दो बार पार्टी की सरकार की कमान संभाल चुके गहलोत ने कहा कि राज्य में पार्टी की जबरदस्त लहर है।


उन्होंने कहा, पूरे राज्य में जबरदस्त अंडर करंट है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ अंदरुनी नाराज़गी है। गहलोत ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि श्रीमती राजे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं तथा लोगों के सामने दंडवत हो प्रणाम कर रही हैं। अखबार में सबके सामने तस्वीर आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि पिछले पांच साल में मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों को प्रणाम किया होता और रानी मां की तरह व्यवहार करतीं तो आज यह स्थिति नहीं होती।

उन्होंने कहा कि भाजपा को पिछले चुनाव में 163 सीट मिली थीं लेकिन पार्टी ने जनादेश का सम्मान करते हुए लोगों को विश्वास में लेने के बजाय उनसे दूरी रखी और उनके काम नहीं किए। गहलोत ने कहा कि राज्य में रिफाइनरी, मेट्रो परियोजना, आदिवासी क्षेत्रों में विकास और करौली तथा टोंक में रेल लाइन के काम आगे नहीं बढ़े। इससे लोगों में नाराजगी है। इसके अलावा बेरोजगारी, कानून व्यवस्था की स्थिति और भ्रष्टाचार के मोर्चे पर सरकार की विफलता के कारण लोगों में भारी आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके नेताओं का विकास कार्यों में नहीं बल्कि धर्म की राजनीति में विश्वास है। इससे राष्ट्र ओर लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है तथा संविधान कमजोर हो रहा है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और श्रीमती राजे के राजस्थान को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालकर विकसित राज्यों की कतार में खड़े करने के दावे को खारिज करते हुए उन्होंने पूछा, उन्हें बताना चाहिए कि राजस्थान पिछड़ा राज्य कब था?

कांग्रेस में भीतरघात और गुटबाजी की रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व के तले एकजुट हो चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को कमोबेश मना लिया गया है और पार्टी को बागी उम्मीदवारों से ज्यादा नुकसान नहीं होने वाला।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में सत्तारुढ़ भाजपा के पास प्रचार में संसाधन भले ही ज्यादा हों लेकिन लोगों में उनके खिलाफ नाराजगी और कांग्रेस के पक्ष में अंडर करंट के चलते समूचे राज्य में कांग्रेस के पक्ष में ज्यादा वोट पड़ेंगे।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा? सरकार ने बताई सचाई, क्या बोलीं बीमा कंपनियां

20,000 के बजट में ये हैं जून 2026 के टॉप 3 बेस्ट स्मार्टफोन्स, 7000mAh बैटरी और गेमिंग प्रोसेसर का धांसू कॉम्बो

Tata Sierra EV vs Toyota Ebella: 500km से ज्यादा माइलेज वाली दो धाकड़ इलेक्ट्रिक SUVs में महामुकाबला, जानें लॉन्च डेट और कीमत!

नागौद राजघराने में साहब, बीवी और सौतन — हवस, धोखे और खून से सनी राजसी दास्तान

राम नाम की लूट... 'अयोध्या कांड' से पूरा देश हिला, SIT जांच के बीच चंपत राय बीमार, नृपेन्द्र मिश्रा गायब

सभी देखें

नवीनतम

मानसून की धीमी चाल ने बढ़ाई चिंता, कब पहुंचेगा मुंबई? इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मी लॉर्ड! चाय, अंडे, पोहे सबके भाव तो बढ़ गए, नहीं बढ़ी तो सिर्फ सैंया की आय

TMC के बाद शिवसेना UBT में बगावत, महुआ मोइत्रा का तंज- सिर्फ 15 करोड़ रुपए? सस्ते में क्यों जा रहे हैं?

LIVE: एकनाथ शिंदे से मिले 6 बागी सांसद, शिवसेना यूबीटी में टूट पर क्या बोले संजय राउत

G7 Summit 2026: मोदी-ट्रंप मिले लेकिन नहीं लगे गले, 16 महीने बाद पहली मुलाकात चर्चा में

अगला लेख