Publish Date: Wed, 21 Nov 2018 (20:13 IST)
Updated Date: Thu, 22 Nov 2018 (00:28 IST)
जयपुर। केंद्र और राज्य दोनों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में 'डबल इंकमबेंसी' यानी दोहरी सत्ता विरोधी लहर महंगी पड़ेगी।
कांग्रेस महासचिव मोहन प्रकाश ने यह दावा करते हुए बुधवार को कहा कि इन विधानसभा चुनावों में माहौल पूरी तरह भाजपा के खिलाफ है और कांग्रेस को इसका फायदा मिलेगा। यहां बातचीत में उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि नोटबंदी, जीएसटी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों जैसे राष्ट्रीय मुद्दों का विधानसभा चुनाव में असर नहीं रहेगा तथा तीनों राज्यों और विशेष रूप से राजस्थान में राज्य के स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ इन मुद्दों का भी असर रहेगा और भाजपा को दोहरी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों की अकर्मण्यता और दिशाहीनता के 5 साल और केंद्र सरकार के जनविरोधी फैसले गरीब और व्यापारी वर्ग के विरोधी हैं जिससे आमजन में गुस्सा है। नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर यानी जीएसटी से किसान और व्यापारी वर्ग खासा नाराज है। इन फैसलों के बाद व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और इनका असर विनिर्माण क्षेत्र पर भी पड़ा है। इसके चलते बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ी है। राजस्थान में बेरोजगारी की दर बढ़कर 13 प्रतिशत हो गई है, जो देश की बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से दोगुनी है। राजस्थान में युवा आबादी 55 प्रतिशत है, जो इससे सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
प्रकाश ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं और पूरे समाज में सुकून का माहौल नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गठबंधन धर्म का निर्वाह करते हुए सहयोगी दलों को राजस्थान में 5 सीटें दी हैं और पार्टी का इससे कोई नुकसान नहीं होगा। सहयोगी दलों को वही सीटें दी गई हैं, जहां वे मजबूत हैं। (वार्ता)