Publish Date: Thu, 26 Feb 2015 (19:01 IST)
Updated Date: Thu, 26 Feb 2015 (19:06 IST)
नई दिल्ली। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए गुरुवार को कहा कि जब इतनी 'स्ट्रांग पोलिटिकल विल' वाले व्यक्ति का नेतृत्व हो तो फिर रेलवे का पुनर्जन्म क्यों नहीं हो सकता?
प्रभु ने 2015-16 के लिए लोकसभा में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में रेल बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने समृद्ध राष्ट्र के स्वप्न में नई चेतना जगाते हुए सभी भारतीयों में गर्व की भावना जागृत की है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर मैं उनके प्रति आभार प्रकट करना चाहूंगा जिन्होंने रेलवे के माध्यम से, जो उनकी प्राथमिकता है, मुझे भारत की जनता की सेवा करने का अवसर प्रदान किया है। प्रधानमंत्रीजी ने सुशासन के सिद्धांत को प्रतिपादित किया जब उन्होंने कहा कि सरकार गरीब के कल्याण के लिए नहीं है, तो उस सरकार का क्या लाभ है।
रेलमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें प्रेरणादायी उद्देश्य की चुनौती देते हुए कहा है कि गरीबी उपशमन का समय चला गया है और गरीबी उन्मूलन का युग आ गया है। भारतीय रेलवे ऐतिहासिक मिशन में अपनी भूमिका निभाएगी।
मोदी की ओर मुखातिब होते हुए रेलमंत्री ने कहा कि... भारतीय रेलवे को एक भेंट मिलनी चाहिए कि परिस्थिति बदल सकती है, रास्ते खोजे जा सकते हैं, इतना बड़ा देश, इतना बड़ा नेटवर्क, इतने सारे संसाधन, इतनी विशाल मानव शक्ति, इतनी ‘स्ट्रांग पोलिटिकल विल’, तो फिर क्यों नहीं हो सकता, रेलवे का पुनर्जन्म...? (भाषा)