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अर्णब गोस्वामी : प्रोफाइल

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टाइम्स नाऊ पूर्व एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की गिनती देश के नामी एंकरों में होती है। उन्होंने अपना अपना करियर 1995 में कोलकाता स्थित दैनिक द टेलीग्राफ से शुरू किया था, लेकिन वे टेलीग्राफ में ज्यादा दिन नहीं रहे और उसी वर्ष एनडीटीवी से जुड़ गए। गोस्वामी उस समय डीडी मेट्रो पर आने वाले एनडीटीवी के कार्यक्रम न्यूज टुनाइट के लिए रिपोर्टिंग करते थे। उनका टीवी शो 'फ्रेंकली स्पीकिंग विद अर्णब' भी काफी चर्चित रहा है। 
1998 में जब एनडीटीवी स्वतंत्र टीवी चैनल के तौर पर शुरू हुआ तो वे चैनल में प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े। एनडीटीवी पर वो न्यूज आवर कार्यक्रम लेकर आते थे। उन्होंने 2003 तक इस कार्यक्रम के लिए एंकरिंग की। गोस्वामी ने 2006 में टाइम्स नाऊ के एडिटर इन चीफ बनकर चले गए। तभी से वो चैनल की प्राइम टाइम डिबेट द न्यूजऑवर को होस्ट कर रहे थे।
 
पारिवारिक पृष्ठभूमि : असम के प्रमुख परिवार से आने वाले गोस्वामी की शिक्षा कई स्थानों पर हुई। उन्होंने 10वीं बोर्ड की परीक्षा माउंट सेंट मैरी स्कूल से उत्तीर्ण की, जो कि दिल्ली छावनी में स्थित है। 12वीं कक्षा उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय जबलपुर (मध्यप्रदेश) से पूरी की। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से सोशियालॉजी में बीए (ऑनर्स) और ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से सोशल एंथ्रोपॉलोजी में एमए किया है। गोस्वामी के दादा रजनीकांत गोस्वामी असम के जाने माने वकील थे और उनके नाना गौरीशंकर भट्टाचार्य कम्युनिस्ट नेता और असम में विपक्ष के नेता रहे हैं। उनकी पत्नी का नाम पिपि गोस्वामी है। उनका एक बेटा भी है।
 
गुवाहाटी में 9  अक्टूबर, 1973 को जन्मे अर्णब गोस्वामी के पिता मनोरंजन गोस्वामी सेना में कर्नल रह चुके हैं और 1998 में भाजपा के टिकट पर गुवाहाटी से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि कि वे कांग्रेस उम्मीदवार भूपेन्द्र कालिता से पराजित हो गए थे। उनके मामा गुवाहाटी पूर्व से भाजपा के विधायक हैं और असम के वर्तमान मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल से पहले पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष भी थे। 
 
उपलब्धियां : भाजपा पृष्ठभूमि से आने के कारण यूं तो अर्णब पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियां भी कम नहीं हैं। अर्णब सन 2000 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के सिडनी ससेक्स कॉलेज के इंटरनेशनल स्टडीज़ विभाग में एक विजिटिंग फैलो थे, जहां के वो डीसी पवेट फैलो रह चुके हैं। गोस्वामी 11 जुलाई 2006 में मुंबई ट्रेन बम विस्फोट के समय में 26 घंटे की एंकरिंग की थी, जिसमें उन्होंने 200 से अधिक नेताओं के साक्षात्कार लिए थे। 65 घंटे से अधिक समय के लिए उन्होंने 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों की रिपोर्ट दी थी। 
 
अर्णब ने कई किताबें भी लिखी हैं, उनमें कोंबेटिंग टेरेरिज्म और द लीगल चैलेंज उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उन्हें 2003 में एशियन टेलीविजन अवार्ड फोर बेस्ट प्रेजेंटर तथा 2010 में रामनाथ गोयनका अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें टीवी एडिटर इन चीफ ऑफ द इयर और असमीज ऑफ इयर सम्मान से भी नवाजा गया।
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