Chaturmas 2026: वर्ष 2026 में चातुर्मास कब से कब तक रहेगा?
Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 (12:08 IST)
Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 (15:18 IST)
Hindu Chaturmas Dates 2026: वर्ष 2026 में चातुर्मास 25 जुलाई 2026 से शुरू होकर 20 नवंबर 2026 तक रहेगा। इस साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होगा तथा इस दिन से भगवान श्रीविष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। चातुर्मास के इन 4 महीनों में प्रमुख पर्व आते हैं, जैसे: गुरु पूर्णिमा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, श्री गणेशोत्सव/ गणेश चतुर्थी, पितृ पक्ष, शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, करवा चौथ और दीपावली जैसे प्रमुख बड़े पर्व पड़ेंगे।
ALSO READ: Chaturmas 2026: आषाढ़ माह 2026: चातुर्मास की शुरुआत से पहले जान लें ये जरूरी नियम
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस अवधि की महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
चातुर्मास 2026 की खास तिथियां:
देवशयनी एकादशी से प्रारंभ: 25 जुलाई 2026
देवउठनी/प्रबोधिनी एकादशी को समापन: 20 नवंबर 2026
इस साल चातुर्मास की कुल अवधि 119 दिन की होगी, जिसमें मुख्य रूप से हिंदू कैलेंडर के चार पवित्र महीने- श्रावण/ सावन, भाद्रपद/ (भादो, आश्विन/ (क्वार और कार्तिक आते हैं। मान्यतानुसार इन चार महीनों के दौरान पूजा-पाठ, जप, तप, दान और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए शुभ कर्मों का कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है।
मांगलिक कार्यों पर रोक: शास्त्रों के अनुसार, इन चार महीनों में भगवान विष्णु के शयन काल में होने के कारण विवाह, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे सभी बड़े मांगलिक व शुभ कार्य पूरी तरह से वर्जित रहते हैं। बता दें कि 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी को तुलसी विवाह के बाद से दोबारा शादियों और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।
चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति का भी अवसर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन चार महीनों में श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव से किए गए कार्य विशेष पुण्य प्रदान करते हैं। साथ ही, यह समय जीवन में अनुशासन, सकारात्मकता और आत्मचिंतन विकसित करने का भी उत्तम अवसर माना जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
ALSO READ: Chaturmas 2026: चातुर्मास में क्या करना चाहिए? जानें पुण्य कमाने के तरीके
अगला लेख