Dharma Sangrah

कोकिला व्रत कब रखा जाएगा, क्यों करते हैं उपवास

WD Feature Desk
शुक्रवार, 12 जुलाई 2024 (16:57 IST)
Kokila Vrat 2024: आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि के दिन कोकिला व्रत रखा जाएगा। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह व्रत 20 जुलाई को यह व्रत रखा जाएगा। हालांकि कई लोग उदयातिथि के अनुसार 21 जुलाई को पूर्णिमा तिथि मानकर यह व्रत रखेंगे। आओ जानते हैं कि यह व्रत क्यों रखा जाता है।ALSO READ: श्रावण मास को क्यों व्रतों में सबसे महत्वपूर्ण माह माना जाता है? जानिए 5 खास बातें
 
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 20 जुलाई 2024 को शाम को 05:59 बजे से।
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 21 जुलाई 2024 को दोपहर 03:46 बजे तक।
कोकिला व्रत प्रदोष पूजा मुहूर्त- शाम को 07:19 से 09:22 तक।
 
कई लोग कोकिला व्रत तब रखने हैं जबकि आषाढ़ मास में ही अधिक मास हो जबकि कई लोग तब नहीं रखते हैं। कुछ क्षेत्रों में, विशेष रूप से भारत के दक्षिणी और पश्चिमी भागों में, कोकिला व्रत हर साल आषाढ़ पूर्णिमा पर मनाया जाता है, जबकि उत्तर भारत के कुछ क्षेत्र में अधिकमास हो तब मनाया जाता है।
 
कोकिला व्रत देवी सती और भगवान शिव को समर्पित है। कोकिला नाम भारतीय पक्षी कोयल को संदर्भित करता है और देवी सती से जुड़ा हुआ है। कोकिला व्रत से जुड़ी किंवदंतियों के अनुसार, देवी सती ने अपने पिता द्वारा भगवान शिव का अपमान करने पर आत्मदाह कर लिया था। उसके बाद देवी सती ने 1000 दिव्य वर्ष कोयल के रूप में बिताए, उसके बाद उन्होंने अपना स्वरूप वापस पाया और भगवान शिव में विलीन हो गईं।
 
कोकिला व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है। कुछ क्षेत्रों में, यह व्रत आषाढ़ पूर्णिमा से श्रावण पूर्णिमा तक एक महीने तक मनाया जाता है। कोकिला व्रत के दौरान, महिलाएं सुबह जल्दी उठती हैं और पास की नदी या जलाशय में स्नान करती हैं। स्नान के बाद महिलाएं मिट्टी से कोयल की मूर्ति बनाती हैं और उसकी पूजा करती हैं।ALSO READ: कामिका एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, जानें महत्व
 
ऐसा माना जाता है कि कोकिला व्रत रखने वाली महिलाएं अखंड सौभाग्यवती होती हैं। दूसरे शब्दों में, जो महिलाएं कोकिला व्रत रखती हैं, वे अपने जीवन में कभी विधवा नहीं होंगी और हमेशा अपने पति से पहले ही मर जाएँगी। यह भी माना जाता है कि कोकिला व्रत के दौरान मिट्टी से बनी कोयल की मूर्ति की पूजा करने से प्यार करने वाला और देखभाल करने वाला पति पाने में मदद मिलती है।ALSO READ: देवशयनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, जानें महत्व

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

17 February Birthday: आपको 17 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Surya Grahan 2026: आसमान में दिखेगा Ring of Fire, इन राशियों के लिए शुभ तो इन पर पड़ेगा अशुभ असर

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 फरवरी 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Mangal gochar 2026: मंगल का कुंभ राशि में गोचर, 12 राशियों की किस्मत में होंगे बड़े बदलाव

आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की पावन उपस्थिति में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सागर

अगला लेख