shiv chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Gita Jayanti 2020 Date : गीता जयंती कब है, जानिए क्यों मनाते हैं यह जयंती

Advertiesment
When is Geeta Jayanti
गीता जयंती प्रत्‍येक वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्‍लपक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहते हैं जो उत्पन्ना एकादशी के बाद आती है। इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह 25 दिसंबर 2020 शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस साल गीता जयंती की 5157वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।
 
 
इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में कुंती पुत्र अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। इसीलिए इस दिन को मोक्षदा एकादशी भी कहते हैं। मोक्षदा एकादशी के दिन ही गीता जयंती मनाई जाती है। महाभारत ग्रंथ का एक हिस्सा है गीता जिसके कुल 18 अध्याय है। जिनमें से 6 अध्याय कर्मयोग, 6 अध्याय ज्ञानयोग और अंतिम 6 अध्याय में भक्तियोग के उपदेश दिए गए हैं। इस साल गीता जयंती की 5157वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। इसका मतलब यह कि आज से 5157 वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण ने इसी समय अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था जिससे उसके ज्ञानचक्षु खुल गए थे। पुराणों के अनुसार गीता की उत्पत्ति कलयुग आरंभ होने से 30 वर्ष पहले हुई थी। श्रीमद्भागवत गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं, गीता का दूसरा नाम गीतोपनिषद है।
 
 
गीता जयंती 2020 शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ:- रात 11 बजकर 17 मिनट से (24 दिसंबर 2020)
एकादशी तिथि समाप्त:- अगले दिन रात 1 बजकर 54 मिनट तक (26 दिसंबर 2020)
 
1. गीता जयंती के दिन गीता को पढ़ना या सुनना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। 
 
2. इस दिन मोक्षदा एकादशी रहती है अत: व्रत करने का बहुत ही महत्व होता है।
 
3. इस दिन भगवान कृष्ण की आराधना और पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं।
 
4. गीता जयंती के दिन मंदिरों में भी गीता का पाठ किया जाता है। आप चाहें तो वहां जाकर भी गीता सुन सकते हैं।
 
5. इस दिन गीता पाठ करने और मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

क्या सच में ही ईसा मसीह पुनर्जीवित हो गए थे?