Publish Date: Wed, 03 Aug 2022 (12:32 IST)
Updated Date: Wed, 03 Aug 2022 (12:35 IST)
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को स्कंद षष्ठी मनाई जाती है। यह शिव पुत्र भगवान कार्तिकेय की जन्मतिथि है। कार्तिकेयजी को दक्षिण भारत में मरुगन और सुब्रह्मण्यम कहते हैं। इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने और व्रत रखने से शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है, सभी तरह के दुख दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
3 अगस्त के शुभ मुहूर्त :
अमृत काल मुहूर्त : दोपहर 12:10 से 01:50 तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:17 से 03:10 तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:29 से 06:53 तक।
सायाह्न संध्या मुहूर्त : शाम 06:42 से 07:47 तक।
शुभ योग :
सर्वार्थ सिद्धि योग : प्रात: 05:26 से 06:24 तक।
रवि योग : प्रात 05:26 से 09:51 तक, शाम 06:24 से अगले दिन प्रात: 05:26 तक।
मंत्र- Skand Sasthi Mantra
- 'ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महा सैन्या धीमहि तन्नो स्कन्दा प्रचोदयात'।
- 'ॐ शारवाना-भावाया नम: ज्ञानशक्तिधरा स्कन्दा वल्लीईकल्याणा सुंदरा देवसेना मन: कांता कार्तिकेया नामोस्तुते।'