Hanuman Chalisa

शीतलाष्टमी पूजन से पहले जान लीजिए 15 खास बातें

Webdunia
8
इस वर्ष शीतलाष्टमी व्रत का आरंभ गुरुवार, 1 जुलाई को दोपहर 02.01 मिनट से हो गया है। अष्टमी तिथि 2 जुलाई को दोपहर 03:28 मिनट पर तक रहेगी। आइए जान लीजिए शीतला पूजन के बारे में 15 बातें-
 
* मां शीतला स्वच्छता की अधिष्ठात्री देवी हैं।
 
* सभी शीतल वस्तुओं पर इनका आधिपत्य है।
 
* मां शीतला को पथवारी भी कहते हैं।
 
* देवी मां रास्ते में भक्तों को सुरक्षित रख पथभ्रष्ट होने से बचाती हैं।
 
* गलत मार्ग पर जाने से पहले अदृश्य रूप से चेतावनी देती हैं।
 
* बसौड़ा वाले दिन सुबह ठंडे पानी से नहाना चाहिए।
 
* जिन माताओं के बच्चे अभी माता का दूध पीते हो उन्हें बसौड़ा के दिन नहाना नहीं चाहिए।
 
* मां शीतला को समर्पित बसौड़ा पर्व को शीतला सप्तमी कहा जाता है, मतातंर से कुछ लोग इसे अष्टमी के दिन बनाते हैं।
 
* रोगों को दूर करने वाली मां शीतला का वास वट वृक्ष में माना जाता है, अतः इस दिन वट पूजन भी किया जाता है।
 
* इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलता है और न ही घर में ताजा भोजन बनाया जाता है।
 
* एक दिन पूर्व भोजन बनाकर रख दिया जाता है और अगले दिन शीतला पूजन के उपरांत सभी बासी भोजन ग्रहण करते हैं। यह ऐसा व्रत है जिसमें बासी भोजन चढ़ाया व ग्रहण किया जाता है।
 
* गुड़गांव में मां शीतला का मंदिर है। महाभारत काल में गुरु द्रोणाचार्य यहीं पर कौरव और पांडवों को अस्त्र-शस्त्र विद्या का ज्ञान दिया करते थे।
 
* इस दिन विशेष ध्यान रखा जाता है कि परिवार का कोई भी सदस्य गलती से भी गरम भोजन न ग्रहण करें।
 
* मां शीतला यश देती हैं, गलत राह पर जाने से रोकती हैं।
 
* इस व्रत से संकटों से मुक्ति मिलती है, यश-कीर्ति-मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

ALSO READ: 2 जुलाई: शीतलाष्टमी, बसौरा के शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और कथा

ALSO READ: शीतला माता के बारे में 10 रोचक बातें

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शंकराचार्य कैसे बनते हैं? क्या हैं इसके नियम और अभी कितने शंकराचार्य हैं?

श्रवण नक्षत्र में बुधादित्य योग, किन 5 राशियों के लिए है फायदेमंद

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

सभी देखें

धर्म संसार

31 January Birthday: आपको 31 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि, आरती और लाभ | Vishwakarma Puja Aarti

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

02 फरवरी 2026 को होगा शुक्रोदय, समस्त शुभ कार्य होंगे प्रारंभ

माघ पूर्णिमा के दिन करें 10 में से कोई एक दान, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

अगला लेख