Publish Date: Thu, 11 Aug 2022 (10:57 IST)
Updated Date: Thu, 11 Aug 2022 (10:59 IST)
Sawan Purnima Vrat 2022 : 11 अगस्त 2022 गुरुवार को रक्षाबंधन के त्योहार के साथ ही श्रावणी उपाकर्म और श्रावण पूर्णिमा का व्रत भी रखा जाएगा। गुजरात में पवित्रोपना, मध्य भारत और उत्तर भारत में इस दिन व्रत रखा जाता है जिसे कजरी पूनम का व्रत भी कहा जाता है। आओ जानते हैं कि कैसे करते हैं व्रत और क्या है इसका महत्व।
कैसे करते हैं व्रत :
1. इस दिन महिलाएं नित्य कर्म से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेती हैं।
2. व्रत से पहले नवमी के दिन पेड़ के पत्तों से बने पात्र में मिट्टी डालकर जौ बोया जाता है और पूर्णिमा के दिन जौ के इन पात्रों को लेकर नदी में विसर्जित किया जाता है।
3. महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने पुत्र की लंबी आयु और उसके सुख की कामना करती हैं।
4. व्रत का पारण रात्रि के चंद्र दर्शन के बाद किया जाता है या अगले दिन।
5. इस दिन चंद्र को अर्घ्य भी अर्पित करते हैं। पूर्णिमा के दिन भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करना चाहिए।
6. इस दिन गाय को चारा, चीटियों और मछलियों को आटा व दाने डालना चाहिए।
7. इस दिन विष्णु-लक्ष्मी के पूजन और दर्शन से सुख, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
महत्व :
1. दक्षिण भारत में इस दिन नारियली पूर्णिमा और अवनी अवित्तम मनाई जाती है।
2. इस दिन अमरनाथ की पवित्र यात्रा का समापन होता है।
3. इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है और कांवड़ यात्रा संपन्न होती है।
4. इस दिन व्रत रखने से पुत्र की आयु लंबी होती है और सभी तरह के चंद्रदोष दूर हो जाते हैं।