पोंगल कब है और कहां और क्यों मनाया जाता है यह त्योहार?

Webdunia
बुधवार, 4 जनवरी 2023 (14:51 IST)
पोंगल एक हिन्दू त्योहार है। दक्षिण भारत का प्रमुख त्योहार पोंगल मकर संक्रांति के आसपास ही आता है। यह त्योहार वहां पर बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। आओ जानते हैं कि पोंगल का पर्व कब मनाया जाएगा, क्यों मनाया जाता है और खासकर कहां मनाया जाता है। पोंगल के पारंपरिक व्यंजन और अन्य खास बातें।
 
पोंगल कब है : पोंगल का पर्व मकर संक्रांति यानी की 15 जनवरी 2023 रविवार को मनाया जाएगा। 
 
पोंगल कहा मनाते हैं : वैसे तो संपूर्ण दक्षिण भारत में ही पोंगल मनाया जाता है लेकिन इसका सबसे ज्यादा प्रचलन तमिलनाडु में है। पोंगल तमिलनाडु का प्रमुख पर्व है अत: इसे पारंपरिक रूप से चार दिनों तक मनाया जाता है। पोंगल पर्व तमिलानाडु के अलावा अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, मॉरिशस आदि में भी मनाया जाता है। 
 
कैसे मनाते हैं पोंगल : पोंगल चार दिवसीय उत्सव है। पोंगल का सबसे महत्वपूर्ण दिन थाई पोंगल के रूप में जाना जाता है। थाई पोंगल, चार दिवसीय उत्सव का दूसरा दिन है, जिसे संक्रान्ति के रूप में भी मनाया जाता है। थाई पोंगल से पिछले दिन को भोगी पण्डिगाई के रूप में जाना जाता है। इस दिन लोग अप्रयुक्त वस्तुओं को त्यागने के लिए अपने घरों में साफ-सफाई करते हैं तथा अलाव जलाते हैं। 
क्यों मनाते हैं पोंगल : यह भी सूर्य के उत्तरायण का त्योहार है। यह फसल की कटाई का उत्‍सव होता है। पोंगल के दिनों में घर के मुख्‍य द्वार पर रंगोली (Rangoli) बनाई जाती है। इस दिन खेत में उगी फसल का विशेष भोग सूर्यदेव (Suryadev) को लगाया जाता है, जिसे पोंगल कहा जाता है। इस दिन प्रातः पांच बजे घर की पुरानी चीजों को घर के बाहर करके जलाया जाता है। तत्पश्चात इंद्रदेव का पूजन करते हैं, जिसे मोगी पंडी (Monga Pandi) कहते हैं। थाई पोंगल के दूसरे दिन मट्टू पोंगल मनाते हैं। इस दिन मवेशियों को सजाकर उनकी पूजा की जाती है। पोंगल के अंतिम दिन को कानुम पोंगल मनाते हैं। इस दिन पारिवारिक मिलन का समय होता है।
 
व्यंजन : मकर संक्रांति पर नई फसल के आगमन की खुशी में मनाए जाने वाले इस पर्व का अर्थ है खिचड़ी। इस दिन नए मटके में नए चावल, नया गुड़ तथा ताजे दूध से मीठी खिचड़ी (Mithi Khichadi) बनाई जाती है। थाई पोंगल के दिन, एक नये मिट्टी के पात्र में कच्चे दूध, गुड़ तथा नयी फसल के चावलों को उबालकर एक विशेष व्यञ्जन पकाया जाता है। इस विशेष व्यञ्जन को ही पोंगल कहा जाता है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिन्दू नववर्ष को किस राज्य में क्या कहते हैं, जानिए इसे मनाने के भिन्न भिन्न तरीके

कब मनेगी ईद 31 मार्च या 1 अप्रैल, जानिए सही तारीख

नवरात्रि की प्रथम देवी मां शैलपुत्री की कथा

चैत्र नवरात्रि 2025 पर अपनों को शेयर करें ये विशेस और कोट्स, मां दुर्गा के आशीर्वाद से जीवन होगा मंगलमय

गुड़ी पड़वा विशेष: गुड़ी पर क्यों चढ़ाते हैं गाठी/पतासे का हार, जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

सभी देखें

धर्म संसार

29 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

29 मार्च 2025, शनिवार के शुभ मुहूर्त

नवरात्रि में देश के इन पांच दुर्गा मंदिरों में दर्शन का है विशेष महत्व, आप भी लीजिए दर्शन का लाभ

रमजान के पवित्र महीने में क्यों रखे जाते हैं रोजे, जानिए क्यों मनाई जाती है मीठी ईद

चैत्र नवरात्रि में कौन सा रंग पहनें? जानें 9 दिन के 9 रंगों का शुभ महत्व

अगला लेख
More