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माघ पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और तर्पण का महत्व, जानिए 5 फायदे

Webdunia
मंगलवार, 15 फ़रवरी 2022 (05:31 IST)
16 फरवरी 2022 को है माघ पूर्णिमा। आओ जानते हैं स्नान और दान का महत्व। माघ की पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती, श्री ललित और श्री भैरव जयंती मनाई जाती है। माघ पूर्णिमा के दिन निम्नलिखित 5 कार्य करने से पापों का नाश होता है और धन लाभ होता है।
 
 
1. स्नान का महत्व : ऐसी मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन सभी देवता स्वर्ग से नीचे उतरकर प्रयाग स्थित गंगा में स्नान करते हैं। इसीलिए इस दिन स्नान माघ मास या माघ पूर्णिमा को संगम में स्नान का बहुत महत्व है। संगम नहीं तो गंगा, गोदावरी, कावेरी, नर्मदा, कृष्णा, क्षिप्रा, सिंधु, सरस्वती, ब्रह्मपुत्र आदि पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए।
 
2. दान का महत्व : इस दिन दान-दक्षिणा का बत्तीस गुना फल मिलता है। इसलिए इसे माघी पूर्णिमा के अलावा बत्तिसी पूर्णिमा भी कहते हैं।
 
3. तर्पण का महत्व : माघी पूर्णिमा पर गंगा तथा अन्य पवित्र नदियों तथा सरोवर तट पर स्नान करके तिलांजलि देना चाहिए तथा पितृ तर्पण करना चाहिए।
 
5 तरह के फायदे :
 
1. स्नान करने से सभी तरह के पापों का नाश हो जाता है।
 
2. दान करने से सभी तरह के संकट मिट जाते हैं और जातक मोक्ष को प्राप्त करता है।
 
3. पुराणों के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन स्वयं भगवान श्री विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने से विष्णु की कृपा मिलती है तथा धन-संपदा लक्ष्मी, यश, सुख-सौभाग्य तथा उत्तम संतान की प्राप्ति होती है।
 
4. पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे घर में धन समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। इस दिन देवी लक्ष्मी जी को पीले तथा लाल रंग सामग्री अर्पित करने से वे प्रसन्न होती हैं।
 
5. माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को खीर अर्पित करने से चंद्रदेव की कृपा प्राप्त होती है।

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