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गोवत्स द्वादाशी बछ बारस क्यों मनाते हैं, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

WD Feature Desk
मंगलवार, 19 अगस्त 2025 (10:09 IST)
Bachh Baras 2025: गोवत्स द्वादशी, जिसे लोकप्रिय रूप से बछ बारस के नाम से जाना जाता है, इस साल 20 अगस्त 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। ALSO READ: कब से होंगे गणेश उत्सव प्रारंभ, क्या है गणपति स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त, मंगल प्रवेश
 
गोवत्स द्वादशी क्यों मनाते हैं : यह पर्व मुख्य रूप से गाय और बछड़े के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
 
पौराणिक मान्यता: इस दिन से जुड़ी एक प्रचलित मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद माता यशोदा ने इसी दिन गाय और बछड़े का दर्शन और पूजन किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। गाय को देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है, इसलिए गौ-माता और उनके बछड़े की पूजा से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
 
किसानों का पर्व: यह पर्व किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है, क्योंकि गाय और बैल उनके कृषि कार्य का अभिन्न अंग हैं। इस दिन गाय और बछड़ों की सेवा और पूजा करके किसान अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
 
व्रत के नियम: इस दिन व्रत रखने वाले लोग गाय के दूध और उससे बने उत्पादों जैसे दही, पनीर, घी आदि का सेवन नहीं करते हैं। इसके बजाय, भैंस के दूध और उससे बनी चीजों का उपयोग किया जाता है। साथ ही, वे अन्न का भी सेवन नहीं करते, बल्कि सिर्फ फल या फलाहार लेते हैं।
 
गोवत्स द्वादशी पूजा का शुभ मुहूर्त : Bach baras ka shubh muhurat
पंचांग के अनुसार, द्वादशी तिथि का आरंभ 19 अगस्त 2025 को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट से, 
द्वादशी तिथि का समापन 20 अगस्त 2025 को दोपहर 02 बजकर 11 मिनट पर। 
पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 06 बजकर 50 मिनट से रात 08 बजकर 28 मिनट तक।
 
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