suvichar
✕

December 2019 festivals list: दिसंबर माह में आने वाले पर्व और त्योहारों की सूची

आचार्य राजेश कुमार
* माह दिसंबर 2019 के तीज त्योहार
 
वर्षपर्यंत चलने वाले उत्सवों और धार्मिक अनुष्ठानों को हिन्दू धर्म का प्राण माना जाता है और हिन्दू समाज के लोग इन व्रत और त्योहारों को बेहद श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाते हैं। इसलिए जरूरी है कि इन व्रतों और अनुष्ठानों का सही समय, दिन, तारीख और मुहूर्त आपको पता हो।
 
दिसंबर 2019 के त्योहार

1 रविवार- विवाह पंचमी, नाग पंचमी *तेलुगू
2 सोमवार- सुब्रहमन्य षष्ठी, चम्पा षष्ठी
4 बुधवार- मासिक दुर्गाष्टमी
8 रविवार- मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती, मत्स्य द्वादशी, गुरुवायुर एकादशी
9 सोमवार- प्रदोष व्रत, हनुमान जयंती *कन्नड़
10 मंगलवार- कार्तिगाई दीपम्
11 बुधवार- दत्तात्रेय जयंती, पूर्णिमा उपवास, रोहिणी व्रत
12 गुरुवार- मार्गशीर्ष पूर्णिमा, अन्नपूर्णा जयंती, त्रिपुर भैरवी जयंती
12 शुक्रवार- पौष प्रारंभ *उत्तर
15 रविवार- संकष्टी चतुर्थी
16 सोमवार- धनु संक्रांति
19 गुरुवार- कालाष्टमी
22 रविवार- सफला एकादशी, साल का सबसे छोटा दिन
23 सोमवार- प्रदोष व्रत
24 मंगलवार- मासिक शिवरात्रि
25 बुधवार- दर्शवेला अमावस्या, मेरी क्रिसमस
26 गुरुवार- पौष अमावस्या, सूर्य ग्रहण, हनुमथ जयन्थी
27 शुक्रवार- चंद्रदर्शन, मण्डला पूजा
30 सोमवार- विनायक चतुर्थी
31 मंगलवार- स्कंद षष्ठी

ALSO READ: Panchang December 2019: जानिए इस माह की खास तिथियां
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

शारदीय नवरात्रि 2026: मां स्कंद माता की पूजा विधि, मंत्र, आरती और पौराणिक कथा जानें

दशहरा 2026: रावण दहन का प्रचलन कब से हुआ प्रारंभ, सबसे पहले किसने जलाया पुतला

माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों में निहित ज्ञान का रहस्य– गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर

विजयादशमी 2026: दशहरा की 2 पौराणिक कथाएं जिनके कारण मनाया जाता है यह त्योहार

शारदीय नवरात्रि 2026: सप्तमी, अष्टमी और नवमी पूजा से पहले क्यों जरूरी है बिल्वपत्र निमंत्रण? जानें विधि

अगला लेख