Hanuman Chalisa

डोल ग्यारस : मां यशोदा ने किया था कान्हा का जलवा पूजन

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को डोल ग्यारस उत्सव मनाया जाता है। शनिवार, 2 सितंबर 2017 को डोल ग्यारस मनाई जाएगी। पुराणोक्त मान्यताओं के अनुसार इस दिन (श्रीकृष्ण के जन्म के 18 दिन बाद) यशोदाजी का जलवा पूजन किया था। उनके संपूर्ण कपड़ों का प्रक्षालन किया था। उसी परंपरा के अनुसरण में डोल ग्यारस का त्योहार मनाया जाता है। 
 
इस एकादशी को 'जल झूलनी एकादशी' भी कहते हैं। इस एकादशी में चन्द्रमा अपनी 11 कलाओं में उदित होता है जिससे मन अतिचंचल होता है अत: इसे वश में करने के लिए इस पद्मा एकादशी का व्रत रखा जाता है। 
 
किंवदंती है कि इस दिन विष्णु भगवान शयन करते हुए करवट बदलते हैं अत: इस एकादशी को 'परिवर्तनी एकादशी' भी कहते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु हर चातुर्मास को अपना बली को दिया हुआ वचन निभाने के लिए पाताल में निवास करते हैं। 
 
देखें वीडियो 

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान?

3 दिन बाद बुध का कर्क राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेंगे सफलता के नए द्वार

नरेंद्र मोदी के बाद अगला पीएम अमित शाह या योगी आदित्यनाथ, सटीक भविष्यवाणी

सौर आषाढ़ मास 2026: जानिए इसका धार्मिक महत्व और विशेष परंपराएं

मंगल का शुक्र की राशि में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं ये परेशानियां

सभी देखें

धर्म संसार

वर्ष 2026 का अंतिम बड़ा मंगल: अवसर हाथ से चूकने न दें, करें ये 5 अचूक उपाय

शुक्र का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश: आज से 5 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव

त्रिग्रही और सरस्वती राजयोग का महासंयोग: आज से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, क्या आपकी राशि है शामिल?

Saur Ashadha Maas 2026: सौर आषाढ़ में करें ये 5 शुभ कार्य, जानें 4 सावधानियां

बुध का कर्क राशि में गोचर: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

अगला लेख