Hanuman Chalisa

धूमावती जयंती पर ऐसे करें देवी मां का पूजन

राजश्री कासलीवाल
हिन्दू धर्म के अनुसार ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मां धूमावती जयंती मनाई जाती है। इस विशेष अवसर पर दस महाविद्या का पूजन किया जाता है। इस दिन धूमावती देवी के स्तोत्र का पाठ, सामूहिक जप-अनुष्ठान आदि किया जाता है। इस बार यह जयंती 2 जून को मनाई जाएगी। 
 
इस दिन विशेषकर काले तिल को काले वस्त्र में बांधकर मां धूमावती को चढ़ाने से  भक्त/साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मां धूमावती के दर्शन से संतान और पति  की रक्षा होती है। मां भक्तों के सभी कष्टों को मुक्त कर देने वाली देवी है। परंपरा है कि  इस दिन सुहागिनें मां धूमावती का पूजन नहीं करती हैं, बल्कि केवल दूर से ही मां के दर्शन  करती हैं।

ALSO READ: धूमावती जयंती : जब मां पार्वती ने ही निगल लिया भगवान शिव को, पढ़ें पवित्र कथा
 
मां का स्वरूप:-
 
मां पार्वती का धूमावती स्वरूप अत्यंत उग्र है। 
 
मां धूमावती विधवा स्वरूप में पूजी जाती हैं। 
 
मां धूमावती का वाहन कौवा है। 
 
श्वेत वस्त्र धारण कर खुले केश रूप में होती हैं। 
 
ऐसे करें मां का पूजन:-
 
मां धूमावती दस महाविद्याओं में अंतिम विद्या है, विशेषकर गुप्त नवरात्रि में इनकी पूजा  होती है। धूमावती जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा  स्थल को गंगाजल से पवित्र करके जल, पुष्प, सिन्दूर, कुमकुम, अक्षत, फल, धूप, दीप तथा  नैवैद्य आदि से मां का पूजन करना चाहिए।

इस दिन मां धूमावती की कथा का श्रवण करना  चाहिए। पूजा के पश्चात अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मां से प्रार्थना अवश्य करनी  चाहिए, क्योंकि मां धूमावती की कृपा से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है तथा दु:ख,  दारिद्रय आदि दूर होकर मनोवांछित फल प्राप्त होता है। 
 
ALSO READ: धूमावती कवच दिलाएगा शत्रु भय तथा कर्ज से ‍मुक्ति...
 
मंत्र : 
 
* ॐ धूं धूं धूमावत्यै फट्।। 
 
* धूं धूं धूमावती ठ: ठ:।
 
मां धूमावती का तांत्रोक्त मंत्र 
 
* धूम्रा मतिव सतिव पूर्णात सा सायुग्मे। 
सौभाग्यदात्री सदैव करुणामयि:।।
 
रुद्राक्ष माला से 108 बार, 21 या 51 माला का इन मंत्रों का जाप करें। मां की विशेष कृपा पाने के लिए उपरोक्त मंत्रों का जाप करना चाहिए। 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भविष्य क्या है? ज्योतिषीय गणना में सामने आए चौंकाने वाले संकेत

शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?

दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें

राहु का गोचर: 5 राशियों के लिए खुले हैं तरक्की के बंद दरवाजे, अभी भी बचा है समय

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण: जानिए किन राशियों पर रहेगा इसका सीधा और बड़ा असर

सभी देखें

धर्म संसार

Shukra Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत: मुहूर्त से लेकर कथा तक, जानें व्रत की पूरी जानकारी

क्या 2027-2028 में होगा सत्ता परिवर्तन? ज्योतिषीय गणनाएं दे रही हैं बड़े संकेत

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन क्यों रहा शानदार, जानिए क्‍या कहता है अंक शास्त्र?

बुध का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के बनेंगे प्रबल योग

परमा एकादशी 2026 का महत्व, पूजन विधि, मुहूर्त और सरल उपाय, जानें क्या खाएं, आज क्या न करें?

अगला लेख