suvichar
✕

विचित्र है देवी धूमावती की उत्पत्ति की कहानी, पढ़कर हो जाएंगे हैरान

Webdunia
पुराणों के अनुसार एक बार मां पार्वती को बहुत तेज भूख लगी होती है किंतु कैलाश पर उस समय कुछ न रहने के कारण वे अपनी क्षुधा शांत करने के लिए भगवान शंकर के पास जाती हैं और उनसे भोजन की मांग करती हैं किंतु उस समय शंकरजी अपनी समाधि में लीन होते हैं। मां पार्वती के बार-बार निवेदन के बाद भी शंकरजी ध्यान से नहीं उठते और वे ध्यानमुद्रा में ही मग्न रहते हैं।
 
मां पार्वती की भूख और तेज हो जाती है और वे भूख से व्याकुल हो उठती हैं, परंतु जब मां पार्वती को खाने की कोई चीज नहीं मिलती है, तब वे श्वास खींचकर शिवजी को ही निगल जाती हैं। भगवान शिव के कंठ में विष होने के कारण मां के शरीर से धुआं निकलने लगता है, उनका स्वरूप श्रृंगारविहीन तथा विकृत हो जाता है तथा मां पार्वती की भूख शांत होती है।
 
तत्पश्चात भगवान शिव माया के द्वारा मां पार्वती के शरीर से बाहर आते हैं और पार्वती के धूम से व्याप्त स्वरूप को देखकर कहते हैं कि अबसे आप इस वेश में भी पूजी जाएंगी। इसी कारण मां पार्वती का नाम 'देवी धूमावती' पड़ा। 
 
एक अन्य कथा के अनुसार जब सती ने पिता के यज्ञ में अपनी स्वेच्छा से स्वयं को जलाकर भस्म कर दिया तो उनके जलते हुए शरीर से जो धुआं निकला, उससे धूमावती का जन्म हुआ इसीलिए वे हमेशा उदास रहती हैं।
 
मां धूमावती धुएं के रूप में सती का भौतिक स्वरूप हैं।

ALSO READ: धूमावती जयंती 2019 : 10 जून को धूमावती जयंती, जानिए कैसे करें पूजन, जपें ये मंत्र

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 अक्‍टूबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

करवा चौथ पर निर्जला व्रत रख रहे हैं तो रखें ये 5 सावधानियां, जान लें चंद्रोदय का समय

13 नवंबर तक वक्री रहेंगे बुध: इन 5 राशियों के जीवन में आएगा बड़ा ट्विस्ट, खुलेगा तरक्की का रास्ता!

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026, जानें क्या कहता है आपका मूलांक?

करवा चौथ 2026: क्या भद्रा के कारण बिगड़ेगा व्रत का समय? जानें पूजन मुहूर्त, चंद्रोदय टाइम और अर्घ्य की सही विधि

अगला लेख