Hanuman Chalisa

चातुर्मास में क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, जानिए

अनिरुद्ध जोशी
बुधवार, 1 जुलाई 2020 (12:06 IST)
व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के 4 महीने को हिन्दू धर्म में 'चातुर्मास' कहा गया है। चातुर्मास 4 महीने की अवधि है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चलता है। चातुर्मास के प्रारंभ को 'देवशयनी एकादशी' कहा जाता है और अंत को 'देवोत्थान एकादशी'। उक्त 4 माह हैं- श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक।

 
क्यों करते हैं व्रत : ध्यान और साधना करने वाले लोगों के लिए ये माह महत्वपूर्ण होते हैं।  उक्त 4 माह को व्रतों का माह इसलिए कहा गया है कि उक्त 4 माह में जहां हमारी पाचनशक्ति कमजोर पड़ती है वहीं भोजन और जल में बैक्टीरिया की तादाद भी बढ़ जाती है। उक्त 4 माह में से प्रथम माह तो सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।
 
खास नियम : इस दौरान फर्श पर सोना और सूर्योदय से पहले उठना बहुत शुभ माना जाता है। उठने के बाद अच्छे से स्नान करना और अधिकतर समय मौन रहना चाहिए। वैसे साधुओं के नियम कड़े होते हैं। दिन में केवल एक ही बार भोजन करना चाहिए। एक समय ही उत्तम भोजन ग्रहण करना चाहिए।
 
वर्जित कार्य : उक्त 4 माह में विवाह संस्कार, जातकर्म संस्कार, गृह प्रवेश आदि सभी मंगल कार्य निषेध माने गए हैं। पलंग पर सोना, पत्नी का संग करना, झूठ बोलना भी वर्जित है।
 
त्याज्य पदार्थ : इस व्रत में तेल से बनी चीजों का सेवन न करें, दूध, शकर, दही, तेल, बैंगन, पत्तेदार सब्जियां, नमकीन या मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाता। श्रावण में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, साग इत्यादि, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल,  आदि का त्याग कर दिया जाता है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

धर्म संसार

21 July Birthday: आपको 21 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 जुलाई 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

27 जुलाई से शनि होंगे वक्री: 11 दिसंबर तक इन 5 राशियों पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें आपकी राशि शामिल है या नहीं

Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

देवशयनी एकादशी 2026: कब है शुभ मुहूर्त? जानें चातुर्मास की शुरुआत और भगवान विष्णु को शयन कराने की सही विधि

अगला लेख