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भौम प्रदोष व्रत 2026: इन 5 बड़े फायदों से खुल जाएगी किस्मत की राह

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bhaum pradosh ke upay
08 सितंबर 2026 को रखा जाएगा भौम प्रदोष का व्रत: जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल देव को समर्पित है, जबकि प्रदोष काल भगवान शिव की पूजा का समय होता है। इसलिए इस दिन व्रत रखने से भगवान शिव और हनुमान जी दोनों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भौम प्रदोष का व्रत रखने के 5 प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:-
 

1. मंगल दोष और कर्ज (ऋण) से मुक्ति

जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष होता है या जो लंबे समय से कर्ज से परेशान हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। भौम प्रदोष के दिन भगवान शिव और मंगल देव की पूजा करने से कर्ज से जल्दी मुक्ति मिलती है और कुंडली का मंगल दोष शांत होता है।
 

2. भय, शत्रु और कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय

मंगल देव को साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है। भौम प्रदोष का व्रत रखने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास और निडरता आती है। शत्रु बाधा दूर होती है और जमीन-जायदाद या कोर्ट-कचहरी से जुड़े विवादों में सफलता प्राप्त होती है।
 

3. स्वास्थ्य और आरोग्य की प्राप्ति (रक्त संबंधी विकारों से राहत)

ज्योतिषशास्त्र में मंगल को रक्त का कारक माना गया है। भौम प्रदोष का व्रत करने से रक्त विकार, उच्च रक्तचाप (High BP) और शारीरिक दुर्बलता जैसी बीमारियों से राहत मिलती है। भगवान शिव की कृपा से व्यक्ति को निरोगी काया और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है।
 

4. संपत्ति और भूमि का लाभ

मंगल देव को 'भूमि पुत्र' भी कहा जाता है। जो लोग अपना घर बनाना चाहते हैं, नया मकान या जमीन खरीदना चाहते हैं, उनके लिए भौम प्रदोष का व्रत करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे अचल संपत्ति के योग बनते हैं और निर्माण कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
 

5. मनोकामना पूर्ति और पापों का नाश

प्रदोष काल में भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं। इस दिन व्रत रखकर शाम को शिव पूजा करने से अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है।

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