ganesh chaturthi

बड़ा महादेव पूजन क्यों करते हैं? सामान्य शिव पूजा से कैसे है अलग?

Webdunia
गुरुवार, 1 जून 2023 (15:16 IST)
Chauragarh Temple Pachmarhi in Hindi : प्रतिवर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन बड़ा महादेव पूजन करते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 2 जून 2023 को यह पूजा की जाएगी। यह शिवजी की सामान्य पूजा से कुछ भिन्न और विशेष पूजा है। आओ जानते हैं कि क्या है इस दिन का महत्व और क्यों कहते हैं इसे बड़ा महादेव और कैसे यह शिव पूजा से भिन्न।
 
कहां है बड़ा महादेव मंदिर:-
क्या है बड़ा महादेव मंदिर का महत्व और इतिहास:
 
बड़ा महादेव पूजन क्यों करते हैं?
  1. बड़ा महादेव पहुंचक लोग विशेष पूजा करने के बाद त्रिशूल चढ़ाते हैं।
  2. त्रिशूल चढ़ाने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
  3. भगवान महादेव के 108 नामों का जप करने के बाद बड़ा महादेव का ध्यान करते हुए यहां स्तुति का गायन कर भगवान की पूजा होती है। 
  4. यहां पर श्रद्धा पूर्वक पूजन करने और त्रिशूल चढ़ाने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और मन की सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है।
 
कैसे पहुंचें चौरागढ़:-
  1. ट्रेन, फ्लाइट या बस से आप पहले मध्यप्रदेश के जबलपुर पहुंच जाएं।
  2. जबलपुर से आप बस या टैक्सी के द्वारा पंचमढ़ी पहुंचें।
  3. जबलपुर से पिपरिया के लिए ट्रेन मिलती है, वहां से पंचमढ़ी पास में ही जहां बस में जा सकते हैं।
  4. पिपरिया रेलवे स्टेशन कई बड़े शहरों से जुड़ा है, जबलपुर और इटारसी से यहां के लिए आसानी से ट्रेन मिलती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख