dharma sangrah
✕

हास्य-कविता : कार करोला बनी करेला

Webdunia
- हरनारायण शुक्ला, मिनियापोलिस, USA 
 
दुर्घटना हुई कार की मेरी, 
पहुंच गई वो बॉडी शॉप,
अपनी बॉडी सही सलामत, 
ऊपर वाले का था हाथ। 
 
अभिशाप नहीं वरदान था यह, 
जान बची हम लाखों पाए,
शॉपिंग करने निकले थे हम, 
घर के बुद्धू घर को आए। 
 
कार करोला बनी करेला, 
उसकी हालत पे मैं रोया,
इंश्योरेंस का हुआ कबाड़ा, 
क्या पाया मैं क्या खोया।
 
कार चलाते ढूंढ़ रहा था, 
नई थीम अगली कविता का,
ठोकर मारी किसी कार ने, 
सबक सिखाया दिवा स्वप्न का। 
 
रम नदिया के तट का वासी, 
रम का नशा तो होता है,
रमता जोगी कहते हैं, 
जो होना है सो होता है।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

कब मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर का जन्‍मोत्‍सव, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें...

कौन थे महर्षि वाल्मीकि? कब मनाई जाएगी उनकी जयंती? जानिए उनके बारे में रोचक बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

अगला लेख