Hanuman Chalisa
✕

Devi Katyayani Mantra for Marriage : शादी नहीं हो रही है तो नवरात्रि की छठी देवी कात्यायनी को करें प्रसन्न

Webdunia
शीघ्र विवाह के लिए ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना
 
 
नवदुर्गा के छठे स्वरूप में मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर हुआ था अतः इनको कात्यायनी कहा जाता है। इनकी चार भुजाओं मैं अस्त्र शस्त्र और कमल का पुष्प है, इनका वाहन सिंह है। ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। 
 
गोपियों ने कृष्ण जैसे वर की प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की थी। विवाह संबंधी मामलों के लिए इनकी पूजा अचूक होती है। इनकी कृपा से योग्य और मनचाहा पति प्राप्त होता है। ज्योतिष में बृहस्पति का संबंध इनसे माना जाना चाहिए। 
 
इनकी पूजा से किस तरह की मनोकामना पूरी होती है?
 
- कन्याओं के शीघ्र विवाह के लिए इनकी पूजा, अर्चना, आराधना और मंत्र उपासना अद्भुत मानी जाती है। 
 
- मनचाहे विवाह और प्रेम विवाह के लिए भी इनके विशेष मंत्रों से मां की उपासना की जाती है। 
 
- सुंदर और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी पूजा फलदायी होती है।  
 
- अगर कुंडली में विवाह के योग क्षीण हों तो भी विवाह हो जाता है.
 
 
मं‍त्र इस प्रकार है : 
"कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।"

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख