Publish Date: Mon, 27 Nov 2017 (10:33 IST)
Updated Date: Mon, 27 Nov 2017 (13:27 IST)
नई दिल्ली। सेबी ने अपनी व्हिसलब्लोअर (भेदिया सूचना) व्यवस्था को मजबूत करने और निवेशकों तथा बाजार की बिचौलिया इकाइयों में काम करने वाले लोगों को ऐसे लोगों का भेद बताने को प्रोत्साहित करने का कदम उठाया है जो व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऑनलाइन एप और प्राइवेट चैट ग्रुप्स आदि के जरिए निवेश के परामर्श और संवेदीनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
बाजार को चढ़ाने उतारने में लगे ऐसे व्यक्ति और समूह इंटरनेट पर ऐसी साइटों का इस्तेमाल करते हैं जिनको गूगल जैसे सामान्यत: इस्तेमाल किए जाने वाले सर्च इंजनों के जरिए मुश्किल से पकड़ा जा सकता है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एसएमएस, व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्क, खेल तथा प्रतिस्पर्धा आदि के जरिए निवेश की अनाधिकृत रूप से सलाह देने पर रोक के लिए एक परिचर्चा पत्र पिछले साल जारी किया था, लेकिन अभी उसने इस बारे में कोई पक्का नियम लागू नहीं किया है। (भाषा)