Hanuman Chalisa

उत्कल एक्सप्रेस हादसे में रेलवे ने अपने को भी गंवाया

Webdunia
रविवार, 20 अगस्त 2017 (18:55 IST)
मुजफ्फरनगर। पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस आलोक सरकार के लिए हमेशा पसंदीदा विकल्प थी। शनिवार को भी 48 वर्षीय आलोक मुजफ्फरनगर के लिए इसी ट्रेन पर सवार हुए थे, जो दुर्घटना का शिकार हो गई।
 
सरकार के बड़े भाई ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि यह उसका आखिरी सफर होगा। शनिवार शाम ट्रेन हादसे ने आलोक सरकार के परिवार को जो जख्म दिया, उससे वे सभी उबरने की जद्दोजेहद में हैं।
 
आलोक के भाई ने कहा कि मेरा भाई दिल्ली में संभागीय रेलवे प्रबंधक कार्यालय में काम करता था और वह मुजफ्फरनगर के लिए इसी ट्रेन में सवार हुआ था। वह हमेशा ही यही ट्रेन लेता था। शनिवार शाम खटौली के समीप इस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए और 1 डिब्बा तो किसी मकान में घुस गया।
 
रेलवे ने कहा कि इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई और 97 घायल हो गए। घायलों में 26 की हालत बुरी है। आलोक के एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि परिवार को शव मिल गया है और वह उसे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली ले जा रहा है।
 
सहारनपुर के संभागीय आयुक्त दीपक अग्रवाल ने रविवार को कहा कि हमने करीब 12 शवों की पहचान कर ली है और उनका पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। बाद में एक अधिकारी ने कहा कि 4 और शवों की पहचान की गई है। 
 
हताहत लोग राजस्थान, ग्वालियर, मध्यप्रदेश, अलीगढ़ आदि के रहने वाले हैं। यहां मुर्दाघर में दृश्य बड़ा भाव-विह्वल था, मारे गए लोगों के परिवार शव लेने पहुंचे थे और उनके आंसू थम नहीं रहे थे। (भाषा)
Show comments

जरूर पढ़ें

TMC में बगावत को लेकर ममता का कड़ा एक्‍शन, 8 नेताओं को पार्टी से निकाला, बागियों ने किसे बनाया अध्‍यक्ष?

India-US Trade Talks 2026: अमेरिका के साथ बड़ी डील की तैयारी में भारत, शेयर बाजार के निवेशकों के लिए क्या है इसके मायने?

लखनऊ अग्निकांड के पीछे कौन जिम्मेदार? जांच में सामने आ रही चौंकाने वाली लापरवाहियां

तेल निर्यात में राहत के बीच ट्रंप की चेतावनी, क्या मुश्किल में पड़ जाएगी US-Iran डील?

Positive IOD क्या है? कैसे बनता है भारतीय मानसून का 'रक्षक' और El Nino के असर को करता है कमजोर

सभी देखें

नवीनतम

झारखंड के CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 765 सरकारी स्कूल बनेंगे Plus Two

हत्या के पहले किसने गायब किया केतन का पासपोर्ट, 17 करोड़ में बुक किया था महल, पिता बोले सिया से क्यों मारा बेटे को?

अल-नीनो और कमजोर मानसून से देश के 315 जिलों में सूखे की आहट, कम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 90% लोगों ने किया समर्थन

अगला लेख