dharma sangrah
✕

हेल्‍थ के लिए बहुत उपयोगी हैं झारखंड की पत्तेदार सब्जी प्रजातियां

Webdunia
गुरुवार, 8 अप्रैल 2021 (11:30 IST)
नई दिल्ली, गोभी, पालक, मटर, शिमला मिर्च, गाजर और आलू जैसी सब्जियां रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कुछ ऐसी सब्जियां हैं, जिनका प्रचलन देशभर में है।

वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी सैकड़ों विशिष्ट सब्जी प्रजातियां पायी जाती हैं, जो पोषण से भरपूर होने के बावजूद वह लोकप्रियता हासिल नहीं कर सकी हैं, जो आलू, गोभी, मटर, पालक, भिंडी, लौकी, कद्दू और इसके जैसी अन्य सब्जियों को मिली है। हालांकि, ऐसी सब्जी प्रजातियां गरीब और पिछड़ेपन का शिकार माने जाने वाले झारखंड के जनजातीय लोगों के भोजन का एक अहम हिस्सा हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पटना एवं रांची स्थित पूर्वी अनुसंधान परिसर के शोधकर्ताओं ने झारखंड के स्थानीय आदिवासियों द्वारा उपयोग की जाने वाली पत्तेदार सब्जियों की 20 ऐसी प्रजातियों की पहचान की है, जो पौष्टिक गुणों से युक्त होने के साथ-साथ भोजन में विविधता को बढ़ावा दे सकती हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि पोषण एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सब्जियों की ये स्थानीय प्रजातियां मददगार हो सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकतर सब्जियों के बारे में देश के अन्य हिस्सों के लोगों को जानकारी तक नहीं है।

इस अध्ययन के दौरान रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूमि, रामगढ़ और हजारीबाग समेत झारखंड के सात जिलों के हाट (बाजारों) में सर्वेक्षण कर वहां उपलब्ध विभिन्न मौसमी सब्जियों की प्रजातियों के नमूने एकत्रित किए हैं। इन सब्जियों में मौजूद पोषक तत्वों, जैसे- विटामिन-सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्निशयम, पोटैशियम, सोडियम और सल्फर, आयरन, जिंक, कॉपर एवं मैगनीज, कैरोटेनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट गुणों का पता लगाने के लिए नमूनों का जैव-रासायनिक विश्लेषण किया गया है।

विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर जनजातीय इलाकों में पायी जाने वाली ये पत्तेदार सब्जियां स्थानीय आदिवासियों के भोजन का अहम हिस्सा होती हैं।

इनमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, मैग्निशयम, आयरन, पोटैशियम जैसे खनिज तथा विटामिन पाए गए हैं। इन सब्जियों में फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जबकि कार्बोहाइड्रेट एवं वसा का स्तर बेहद कम पाया गया है। शोध पत्रिका करंट साइंस में प्रकाशित यह अध्ययन अनुराधा श्रीवास्तव, आर.एस. पैन और बी.पी. भट्ट द्वारा किया गया है।

सब्जियों की इन प्रजातियों में लाल गंधारी, हरी गंधारी, कलमी, बथुआ, पोई, बेंग, मुचरी, कोईनार, मुंगा, सनई, सुनसुनिया, फुटकल, गिरहुल, चकोर, कटई/सरला, कांडा और मत्था इत्यादि शामिल हैं। ये सब्जी प्रजातियां झारखंड के आदिवासियों के भोजन का प्रमुख हिस्सा हैं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि जनजातीय लोग लाल गंधारी, हरी गंधारी और कलमी का भोजन में सबसे अधिक उपयोग करते हैं। वहीं, गिरहुल अपेक्षाकृत रूप से कम लोकप्रिय है।

बरसात एवं गर्मी के मौसम में विशेष रूप से जनजातीय समुदाय के लोग खाने योग्य विभिन्न प्रकार के पौधे अपने आसपास के कृषि, गैर-कृषि एवं वन्य क्षेत्रों से एकत्रित करके सब्जी के रूप में उपयोग करते हैं। इन सब्जियों को विभिन्न वनस्पतियों, जैसे- झाड़ियों, वृक्षों, लताओं, शाक या फिर औषधीय पौधों से प्राप्त किया जाता है।

सब्जियों को साग के रूप में पकाकर, कच्चा या फिर सुखाकर खाया जाता है। सुखाकर सब्जियों का भंडारण भी किया जाता है, ताकि पूरे साल उनका भोजन के रूप में उपभोग किया जा सके। अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न मौसमों में भिन्न प्रकार की सब्जियां उपयोग की जाती हैं। इनकी पत्तियों, टहनियों और फूलों को मसालों अथवा मसालों के बिना पकाकर एवं कच्चा खाया जाता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि “इन सब्जियों की उपयोगिता के बावजूद इन्हें गरीबों एवं पिछड़े लोगों का भोजन माना जाता है, और व्यापक रूप से कृषि चक्र में ये सब्जियां शामिल नहीं हैं। जबकि, सब्जियों की ये प्रजातियां खाद्य सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और आमदनी का जरिया बन सकती हैं। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बेहद कम संसाधनों में इनकी खेती की जा सकती है।” (इंडिया साइंस वायर)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

ECI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका, SIR में गड़बड़ी के आरोप, INDIA Bloc का मार्च

Economics Nobel 2026: रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को अर्थशास्त्र का नोबेल, आर्थिक स्थिरता पर शोध के लिए मिला सम्मान

Electric Scooter : नया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, 250KM तक की रेंज का दावा, फीचर्स भी कमाल के

दिल्ली मेट्रो में सीट विवाद में हत्या, पूर्व IAS और वकील बेटा गिरफ्तार

शिवराज सिंह चौहान ने किसे कहा 'नरपिशाच' और क्यों मोहन यादव सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पूर्व सीएम?

सभी देखें

नवीनतम

China : लद्दाख को लेकर चीन की कुटिल करतूत, बताया भारत का अवैध कब्जा, 28 जगहों के नाम बदलने पर भड़का

Electric Scooter : सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ रोजाना का सफर होगा आसान, मिलेगी 130 KM की रेंज, जान लीजिए दूसरे फीचर्स

शिवराज के बाद कोसमी में कार्तिकेय की हुंकार, अधिकारियों को आपसे टकराने से पहले हमसे टकराना होगा

Vande Bharat Sleeper Train : अब 24 कोच वाली ट्रेन में होगा सफर, 1,224 यात्रियों को मिलेगी जगह, जानिए हॉट शॉवर और पैंट्री समेत सभी सुविधाएं

गांधीनगर मनपा चुनाव परिणाम: 44 में से 38 सीटें जीतकर बीजेपी ने लगाई हैट्रिक, कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर बचाई साख

अगला लेख