Publish Date: Mon, 13 Oct 2014 (13:08 IST)
Updated Date: Mon, 13 Oct 2014 (13:15 IST)
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने साई-शंकराचार्य विवाद में दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में दीवानी मुकदमा किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल अदालत इसमें दखल नहीं देगी।
साई भक्तों ने अदालत से अपील की थी कि वो शंकराचार्य को साई के खिलाफ बयानबाजी से रोकें। मुंबई के साईं भक्त इस मामले में सुप्रीम कोर्ट गए थे।
कोर्ट ने साई चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि यह आस्था से जुड़ा मामला है और वह इसमें किसी प्रकार का दखल नहीं दे सकता। यदि साई की मूर्तियां मंदिरों से हटाई जाती हैं तो साईं भक्त इसकी शिकायत दीवानी अदालत या पुलिस से कर सकते हैं।
याचिकाकर्ता ने विभिन्न मंदिरों से साई की मूर्तियां हटाने के शंकराचार्य के बयान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले दो न्यायाधीशों ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य के प्रवक्ता पंडित अजय गौतम ने कहा कि अगर आपको किसी व्यक्ति विशेष से दिक्कत है तो आप निचली अदालत में जाएं। साईं ट्रस्ट के पास सुप्रीम कोर्ट के सवालों का जवाब नहीं था।
वहीं साई धाम के चीफ ट्रस्टी रमेश जोशी ने कहा कि अगर कोई भी साई बाबा की मूर्ति को हटाता है तो समर्थक पुलिस के पास जाएं। अगर कोई साईं बाबा के खिलाफ गलत बयान कहता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दाखिल करें। हिंदुस्तान में किसी भी आदमी को किसी की भी पूजा करने का अधिकार है। किसी को दखल देने की जरूरत नहीं है। (भाषा)