Publish Date: Thu, 20 Feb 2025 (12:10 IST)
Updated Date: Thu, 20 Feb 2025 (12:29 IST)
Rekha Gupta Education: भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में रेखा गुप्ता दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के रूप में चुनी गई हैं। ऐसे नहीं है जिज्ञासा होना लाजमी है कि देश की राजधानी दिल्ली की बागडोर आप कितने जिम्मेदार हाथों में हैं। आई आपको बताते हैं दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की शैक्षणिक योग्यता और उनके अब तक के राजनीतिक सफर के बारे में।
मूल रूप से हरियाणा के जींद की निवासी रेखा गुप्ता की परवरिश दिल्ली में हुई। दिल्ली से ही उन्होंने शिक्षा प्राप्त की। अपने छात्र जीवन के दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ीं और वहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। । छात्र जीवन से ही उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में अपनी भूमिका सुनिश्चित करना आरंभ कर दिया था। रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में विभिन्न पदों पर रहकर कार्य किया।
क्या है रेखा गुप्ता की शैक्षणिक योग्यता?
दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीकॉम और एलएलबी की शिक्षा ली है। उन्होंने बीकॉम की डिग्री दिल्ली के दौलत राम कॉलेज से ली है। जबकि लॉ की पढ़ाई मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से पूरी की है।
रेखा गुप्ता का राजनैतिक सफर
रेखा गुप्ता ने छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सक्रिय सदस्य रही हैं और संगठ के कार्यों में उनकी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की। 1996-97 में वे दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की महासचिव और फिर अध्यक्ष बनीं। साल 2003-2004 तक उन्होंने भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा दिल्ली राज्य की सचिव के रूप में कार्य किया। साल 2004-2006 में वे भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव नियुक्त की गईं। उन्होंने साल 2007-2009 के बीच लगातार दो वर्षों तक महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति, MCD की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली।
रेखा गुप्ता 2025 में पहली बार बनीं विधायक, 2015 और 2020 के चुनावों में देखा हार का मुंह
रेखा गुप्ता 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से हार गई थीं। 2015 में वंदना कुमारी ने उन्हें लगभग 11,000 वोटों से हराया था। 2020 में उन्हें 3,440 वोटों से हार मिली थी। लेकिन इस बार उन्होंने वंदना कुमारी को बड़े अंतर से हरा दिया। 2025 के विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार बंदना कुमारी को हराकर वे पहली बार विधायक बनी हैं।