Publish Date: Mon, 20 May 2019 (19:42 IST)
Updated Date: Mon, 20 May 2019 (19:47 IST)
जम्मू। भारतीय सेना ने एक बार फिर साफ किया है कि पहली सर्जिकल स्ट्राइक सितंबर 2016 में हुई थी। सेना ने साथ ही बालाकोट एयर स्ट्राइक को बेहद प्रशंसनीय बताया है।
नॉर्दन कमांड के जीओसी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा कि वायुसेना के एयरक्राफ्ट पाकिस्तान की सीमा के अंदर गए और आतंकी ठिकानों को खत्म कर सुरक्षित वापस आ गए। सर्जिकल स्ट्राइक पर हो रही राजनीति पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल क्या कहते हैं हम इस पर कमेंट नहीं दे सकते हैं।
ले. जनरल सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले डीजीएमओ ने एक आरटीआई के जवाब में कहा था कि पहली सर्जिकल स्ट्राइक सितंबर 2016 में हुई थी। राजनीतिक दल क्या कहते हैं मैं इसमें नहीं जाना चाहता हूं। उनको सरकार जवाब देगी। मैं जो आपको बोल रहा हूं वह एक तथ्य है।
भारत की सैन्य क्षमता का जिक्र करते हए उन्होंने कहा कि बेहतर यही है कि वे किसी तरह की घटना को अंजाम देने के लिए लाइन ऑफ कंट्रोल के पास आने की हिम्मत न करें। हमारी सैन्य रणनीति हमेशा से साफ रही है। अगर पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई हरकत होती है तो उसका हमेशा करारा जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान को देंगे करारा जवाब : उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना में यह क्षमता, सैन्य अभियान बखूबी करने की काबिलियत और दृढ़ संकल्प भी है, जो पाकिस्तान की ओर से आने वाली किसी भी चुनौती का जोरदार जवाब देने में सक्षम है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने फिर एक बार भारत-विरोधी काम शुरू कर दिए हैं।
सिंह ने कहा कि चीन के साथ हम लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल साझा करते हैं और वहां भी हम शांति स्थापित करने में सफल रहे हैं। जहां तक पाकिस्तान की बात है तो पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों में काफी आगे है।
जहां तक देश के आतंरिक भागों में सुरक्षा की बात है, लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि जिस हिसाब से देश में हाल ही में सुरक्षित रूप से लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं उसके लिए प्रशासन और सुरक्षा बलों को श्रेय दिया जाना चाहिए।
अब तक 86 को मारा : उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कोई भी बड़ी घटना नहीं हुई। जहां हम सफल और सुरक्षित मतदान कराने में सफल रहे हैं, हमारा अब प्रयास है कि ठोस इंटेलिजेंस के आधार पर हम आतंकियों के निपटारे के लिए प्रयास जारी कर दिए जिसका परिणाम ये सर्जिकल ऑपरेशंस हैं।
इस साल हम अब तक 86 आतंकियों को खत्म कर चुके हैं और हम आगे भी इसी तरह इनका खात्मा जारी रखना चाहते हैं। हम अबतक लगभग 20 फरार आतंकियों को पकड़ चुके हैं और साथ ही बड़ी संख्या में भटके हुए युवाओं को वापस मुख्यधारा में शामिल करने में सफल हुए हैं।