Publish Date: Thu, 07 Sep 2017 (14:29 IST)
Updated Date: Thu, 07 Sep 2017 (15:08 IST)
नई दिल्ली। नवनियुक्त रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि सैन्य तैयारी, लंबित मुद्दों का समाधान और सैनिकों के परिवारों के कल्याण की दिशा में काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
मोदी मंत्रिपरिषद के रविवार को हुए विस्तार में रक्षामंत्री बनाई गईं सीतारमण ने यहां साउथ ब्लॉकमें निवर्तमान रक्षामंत्री अरूण जेटली की मौजूदगी में रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद कहा कि तीनों सेनाओं की तैयारी पर उनका सबसे ज्यादा जोर रहेगा। मैं प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की सलाह से सभी लंबित मुद्दों का समाधान करूंगी।
उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेनाओं को अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए जरूरी साजोसामान मुहैया कराया जाना आवश्यक है। इस मौके पर रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे भी मौजूद थे।
रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों से रक्षा क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए 'मेक इन इंडिया' को आगे बढ़ाना जरूरी है। प्रौद्योगिकी हासिल करने के साथ ही हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश को तो इससे फायदा हो ही हमारे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी जगह बनाएं।
जवानों और उनके परिवारों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी सैनिकों को आश्वस्त रहना चाहिए कि उनके हितों को ध्यान रखा जा रहा है। वह देश की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षामंत्री हैं। हालांकि इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी रक्षा मंत्री रह चुकी हैं, लेकिन उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अपने पास रखा था। (वार्ता)