Publish Date: Tue, 18 Dec 2018 (15:04 IST)
Updated Date: Tue, 18 Dec 2018 (15:08 IST)
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को और ज्यादा सरल बनाने के संकेत दिए हैं। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि 99 प्रतिशत सामान या चीजें जीएसटी के 18 प्रतिशत के कर स्लैब में रहें। मोदी ने एक निजी चैनल के समिट को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले केवल 65 लाख उद्यम पंजीकृत थे, जिसमें अब 55 लाख की वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जीएसटी व्यवस्था काफी हद तक स्थापित हो चुकी है और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं जहां 99 प्रतिशत चीजें जीएसटी के 18 प्रतिशत कर स्लैब में आएं।
उन्होंने संकेत दिया कि जीएसटी का 28 प्रतिशत कर स्लैब केवल लक्जरी उत्पादों जैसी चुनिंदा वस्तुओं के लिए होगा। मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी के उपयोग वाली सभी वस्तुओं समेत 99 प्रतिशत उत्पादों को जीएसटी के 18 प्रतिशत या उससे कम कर स्लैब में रखा जाए।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि उद्यमों के लिए जीएसटी को जितना अधिक से अधिक सरल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि शुरुआती दिनों में जीएसटी अलग-अलग राज्यों में मौजूद वैट या उत्पाद शुल्क के आधार पर तैयार किया गया था। हालांकि समय-समय पर बातचीत के बाद कर व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
मोदी ने कहा कि देश दशकों से जीएसटी की मांग कर रहा था। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जीएसटी लागू होने से व्यापार में बाधायें दूर हो रही है और प्रणाली की दक्षता में सुधार हो रहा है। साथ ही अर्थव्यवस्था भी पारदर्शी हो रही है।
भ्रष्टाचार पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में भ्रष्टाचार को सामान्य मान लिया गया था। यह तो 'चलता है'। जब भी कोई आवाज उठाता था तो, सामने से आवाज आती थी 'यह भारत है'। यहां ऐसा ही चलता है।
उन्होंने कहा कि जब कंपनियां कर्ज चुकाने में नाकाम रहतीं तो उनके और उनके मालिकों के साथ कुछ नहीं होता था। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ 'विशेष लोगों' द्वारा उन्हें जांच से सुरक्षा मिली हुई थी।