Publish Date: Sat, 11 Aug 2018 (22:24 IST)
Updated Date: Sat, 11 Aug 2018 (22:28 IST)
तिरुवनंतपुरम। पिछले कुछ दिनों से केरल में हो रही जबर्दस्त बारिश में शनिवार को कुछ कमी आई लेकिन और बारिश होने के आसार के बीच सरकार सतर्क बनी हुई है। इस मानसून सत्र में गत 8 अगस्त से बारिश से संबंधित घटनाओं में मृतकों की संख्या 37 हो गई है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों इडुक्की और वयनाड का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि केरल भयंकर बाढ़ से गुजर रहा है और आपदा के कारण काफी नुकसान हुआ है तथा अपने घरों और भूमि को खोने वाले लोगों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा और अपने परिवार के सदस्य को गंवाने वालों को 4 लाख रुपए दिए जाएंगे।
राज्यभर में शनिवार को बारिश से कुछ राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग ने 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने के लिए कहा है, क्योंकि इडुक्की, वयनाड, कन्नूर, एर्नाकुलम, पल्लकड़ और मलाप्पुरम के ज्यादातर स्थानों पर भारी से भारी बारिश होने के आसार है। तिरुवनंतपुरम तट पर नौका पलटने से शनिवार को 2 मछुआरे डूब गए जबकि एक अन्य घटना में अलप्पूझा जिले के कुट्टानड में एक मां और उसकी बेटी के शव उनके घर के पीछे मिले।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य के अन्य हिस्सों से 4 और शव बरामद होने के साथ ही बारिशजनित घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि केरल में 341 राहत शिविरों में कुल 35,874 लोग ठहरे हुए है।
उन्होंने बताया कि कुल 580 मकान आशिंक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 44 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। 1,301 हैक्टेयर में फैली फसल नष्ट हो गई। महासागर सूचना सेवाओं के लिए भारतीय राष्ट्रीय केंद्र के अनुसार केरल के निम्न तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है।
इडुक्की बांध से पानी छोड़े जाने से पेरियार नदी के किनारों और एर्नाकुलम जिले के हिस्सों में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए सरकारी मशीनरी के साथ-साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल लगातार अलर्ट पर है।
इससे पूर्व खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर इडुक्की के कट्टापना में नहीं उतर पाया था जहां वह इडुक्की बांध के 5 जलद्वार खोले जाने की पृष्ठभूमि पर बैठक करने वाले थे। इसके बाद उनका हेलीकॉप्टर वयनाड के लिए रवाना हुआ। वयनाड में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुआवजे की घोषणा करते हुए विजयन ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे सभी परिवारों को 3,800-3,800 रुपए उपलब्ध कराए जाएगे।
विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथाला, राजस्व मंत्री ई चन्द्रशेखरन और वरिष्ठ अधिकारी हवाई सर्वेक्षण के दौरान विजयन के साथ मौजूद थे। इसके बाद एक फेसबुक पोस्ट में विजयन ने कहा कि करोड़ों रुपए का कृषि नुकसान हुआ है और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।