Publish Date: Mon, 09 Jul 2018 (20:54 IST)
Updated Date: Tue, 10 Jul 2018 (00:40 IST)
नई दिल्ली। भारत की आबादी को 1 अरब पार किए हुए काफी वक्त बीत चुका है लेकिन फिर भी एक चौथाई बुजुर्ग अकेले रह रहे हैं और इस जनसंख्या ने उनका अकेलापन दूर करने के लिए अब तक कुछ खास नहीं किया गया है।
दिल्ली के एक गैरसरकारी संगठन एजवेल फाउंडेशन ने 10,000 बुजुर्गों को लेकर एक सर्वेक्षण किया। इसके मुताबिक करीब हर चौथा बुजुर्ग (23.44 फीसदी) इस देश में अकेला रह रहा है।
सर्वेक्षण के मुताबिक देश में प्रत्येक दूसरा बुजुर्ग (48.88 फीसदी) अपने जीवनसाथी के साथ रह रहा है, वहीं 26.5 फीसदी अपने बच्चों या परिवार के अन्य सदस्य के साथ रह रहे हैं। शहरी क्षेत्र में स्थिति और भी बुरी है। यहां 25.3 फीसदी बुजुर्ग लोग अकेले रह रहे हैं जबकि ग्रामीण इलाकों में 21.38 फीसदी बुजुर्ग अकेले रह रहे हैं।
इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग अकेले रहना या अपने जीवनसाथी के साथ रहना पसंद करते हैं। हालांकि इस तरह से वे स्वतंत्र तो रहते हैं लेकिन आर्थिक रूप से उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना होता है। इस सर्वेक्षण के आंकड़े भारत के 20 राज्यों से जुटाए गए हैं। (भाषा)