Publish Date: Tue, 27 Oct 2020 (11:54 IST)
Updated Date: Tue, 27 Oct 2020 (12:00 IST)
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को तीसरी उच्च स्तरीय वार्ता शुरू हुई। इस वार्ता का लक्ष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संपूर्ण रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करना है, जहां चीन अपना आर्थिक और सैन्य विस्तार की कोशिश कर रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के अपने समकक्षों क्रमश: माइक पोम्पिओ और मार्क एस्पर के साथ तीसरी 'टू प्लस टू' वार्ता शुरू की।
वार्ता ऐसे समय पर हो रही है, जब भारत का पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी विवाद जारी है और (अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप का प्रशासन व्यापार शुल्क और दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक सैन्य युद्धाभ्यास को लेकर उससे नाराज चल रहा है। सिंह और जयशंकर ने सोमवार को अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता भी की थी।
सूत्रों ने बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करते हुए दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी भारत के विवाद पर भी संक्षिप्त चर्चा की।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों मंत्रियों ने इस बात पर संतोष जताया कि अमेरिकी मंत्री की यात्रा के दौरान बीईसीए समझौते (बुनियादी आदान-प्रदान और सहयोग समझौता) पर हस्ताक्षर होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले एस्पर और पोम्पिओ की इस यात्रा के कई मायने हैं। अमेरिका में 3 नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव है। (भाषा)