Publish Date: Sun, 06 Sep 2026 (15:13 IST)
Updated Date: Sun, 06 Sep 2026 (15:16 IST)
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया के नक्शे को अधिक संतुलित तरीके से प्रस्तुत करने और Equal-Area World Map Projections के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। हालांकि, विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि भारत का समर्थन किसी विशेष विश्व मानचित्र या मैप प्रोजेक्शन को मान्यता देने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह प्रस्ताव किसी खास विश्व मानचित्र को अपनाता या प्रमाणित नहीं करता है। इसमें राजनीतिक मानचित्रण, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, विवादित क्षेत्रों या स्थानों के नाम से जुड़े मुद्दों को भी संबोधित नहीं किया गया है। भारत ने UN के नए नक्शे पर ऐसी प्रतिक्रिया दी है जिससे पाकिस्तान तिलमिला जाएगा।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स की पोस्ट में बताया कि इक्वल एरिया मैप प्रोजेक्शन को संतुलित करना और दुनिया के क्षेत्रों विशेषकर अफ्रीका के समान प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया है।
भारत ने अपने Explanation of Vote के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर अपनी संप्रभुता की स्थिति एक बार फिर स्पष्ट की। भारत ने कहा कि देश के संप्रभु क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, को भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुरूप ही दर्शाया जाना चाहिए।
भारत ने कहा, “किसी भी गलत या भ्रामक चित्रण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमारा रुख स्पष्ट, सुसंगत और गैर-परक्राम्य है।”
164 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में किया मतदान
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 सितंबर को “Correct the Map: Rebalancing Global Cartographic Representation and Promoting Equitable Representation of the Worlds Regions, Particularly Africa” नामक प्रस्ताव को 164-1 के वोट से मंजूरी दी।
प्रस्ताव में ऐसे Equal-Area Map Projections के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया गया है, जो अलग-अलग महाद्वीपों के वास्तविक क्षेत्रफल के बीच तुलनात्मक अनुपात को बेहतर तरीके से बनाए रखते हैं।
भारत ने Equal Earth Projection को भी लेकर दी सफाई
भारत ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव के पक्ष में मतदान का मतलब Equal Earth Projection या किसी अन्य खास मानचित्र प्रोजेक्शन का समर्थन करना नहीं है। भारत की ओर से वोट की व्याख्या करते हुए राजनयिक रघू पुरी ने कहा कि प्रस्ताव को समान-क्षेत्र वाले मानचित्र प्रोजेक्शन के व्यापक इस्तेमाल और विचार को बढ़ावा देने के रूप में समझा जाना चाहिए, न कि Equal Earth Projection या किसी अन्य विशिष्ट मानचित्र प्रोजेक्शन के समर्थन के तौर पर।