Publish Date: Fri, 15 Dec 2017 (09:09 IST)
Updated Date: Fri, 15 Dec 2017 (11:40 IST)
गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद हुए एक्जिट पोल के नतीजों से उत्साहित नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को नोटबंदी पर आईएमएफ का यह बयान खुश कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का मानना है कि एक वर्ष पहले भारत ने नोटबंदी की जो कवायद की थी, उसके मध्यम अवधि में लाभ मिलेंगे।
आईएमएफ के विलियम मरे ने हर पखवाड़े होने वाले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमें लगता है कि एक वर्ष पहले हुई नोटबंदी के शानदार लाभ होंगे। इन लाभ के दूर तक जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की वजह से नकदी की कमी के कारण मुख्य रूप से, शुरुआती तौर पर, निजी उपभोग, लघु उद्योग और आर्थिक गतिविधियों में कुछ अस्थायी बाधाएं पैदा हुईं।
मरे ने कहा कि इनके प्रभाव अस्थायी होंगे। आर्थिक गतिविधियों पर सूचना एवं उनकी अधिक औपचारिकता और बैंकिंग प्रणाली एवं डिजिटल भुगतान के अधिक प्रयोग से अधिक प्रभावशाली भुगतान प्रणाली के जरिए मध्यम अवधि में नोटबंदी के संभावित प्रभाव पड़ सकते हैं।
आईएमएफ जनवरी में भारत के साथ साथ दुनिया के अन्य देशों की विकास दर पर अपने अनुमान जारी करने वाला है। (भाषा)