Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

BRICS की यह तस्वीर क्‍या दुनिया का नया वर्ल्ड ऑर्डर है, क्‍यों मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात पर है सबकी नजर?

Advertiesment
BRICS
भारत की राजधानी दिल्‍ली में BRICS समिट की जो सबसे ताकतवर तस्‍वीर इस समय सोशल मीडिया में वायरल हो रही है, वो है मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात की तस्‍वीर। यह तस्‍वीर हर कोई निहार रहा है। इसके वैश्‍विक स्‍तर पर कई मायने हैं।

यह महज एक तस्‍वीर ही नहीं, बल्‍कि दुनिया के कई देशों के लिए एक मैसेज की तरह है। खासकर के अमेरिका और अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के लिए। हालांकि यह कहना बहुत जल्‍दबाजी होगी, लेकिन इस समिट के शुरूआती रुझानों को देखते हुए क्‍या यह कहा जा सकता है कि यह दुनिया का नया वर्ल्‍ड ऑर्डर है।

दरअसल, BRICS Summit के दौरान पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की यह तस्वीर वैश्विक राजनीति में एक नए वर्ल्ड ऑर्डर का संकेत दे रही है। एक ही फ्रेम में तीनों नेताओं की मौजूदगी और उनकी गर्मजोशी देखते बन रही है। इस समिट में कई सकारात्‍मक घोषणाएं हुईं हैं, जो खासतौर से भारत के पक्ष में जा रही है।

बता दें कि नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान एक ऐसा पल आया जब तीनों नेता एक साथ आए। मोदी, जिनपिंग और पुतिन जब आपस में मिले तो काफी गर्मजोशी देखी गई। इस तस्वीर में पीएम मोदी शी जिनपिंग और पुतिन का हाथ पकड़े हुए हैं। जैसे ही तीनों साथ आए, कैमरामेन ने इसे कैप्‍चर कर लिया। BRICS समिट की यह तस्वीर ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर का ध्यान भारत, रूस और चीन के बीच संबंधों पर है, क्योंकि ये तीनों देश इस ग्रुप के अहम सदस्य हैं।

मोदी ने एक्स पर शेयर की तस्वीर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस तस्वीर को शेयर किया है। तीनों नेताओं की यह केमिस्ट्री ऐसे वक्त में सामने आई है, जब वैश्विक राजनीति में नए शक्ति समीकरण तेजी से उभर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2025 में तियानजिन में SCO समिट के दौरान भी पुतिन और जिनपिंग के साथ उनकी एक तस्वीर आई थी जो उनके इसी तरह के पोज़ की याद दिलाता है।
भारत, रूस और चीन BRICS के प्रमुख सदस्य हैं और तीनों की अपनी-अपनी वैश्विक ताकत है। रूस ऊर्जा और सैन्य शक्ति का बड़ा केंद्र है, चीन दुनिया की प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक ताकतों में शामिल है, जबकि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और डिजिटल-टेक्नोलॉजी क्षमता के साथ वैश्विक प्रभाव बढ़ा रहा है।

क्‍या कहा पीएम मोदी ने : पीएम मोदी ने समापन टिप्पणी में कहा, ''आज की चर्चा से यह स्पष्ट है कि बदलती दुनिया को पुरानी पड़ चुकी संस्थाओं के जरिए नहीं चलाया जा सकता। प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाने की प्रक्रिया में सुधार जरूरी हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमने इस बात पर भी जोर दिया कि 'ग्लोबल साउथ' को भविष्य की प्रौद्योगिकियों के विकास और उन्हें संचालित करने वाले नियमों में समान भागीदारी मिलनी चाहिए।

क्‍या है नई दिल्ली घोषणापत्र की खास बातें : घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई, जो व्यापार को प्रभावित करते हैं और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के खिलाफ हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ एकतरफा दबाव डालने वाले उपायों की भी निंदा की। घोषणापत्र में संघर्षों को रोकने के लिए ज़्यादा जुड़ाव की मांग की गई, जिसमें संघर्षों की मूल वजहों को दूर करने के प्रयास भी शामिल हैं। समूह ने बातचीत, परामर्श और कूटनीति के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया। ब्रिक्स देशों ने एक ऐसे बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत की जो प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर अलग-अलग देशों के नज़रिए को ध्यान में रखे, और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने में बातचीत व सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया।

घोषणापत्र की 10 सबसे खास बातें
पहलगाम आतंकी हमले की निंदा: 22 अप्रैल 2025 के हमले की कड़ी निंदा, 26 लोगों की मौत का जिक्र।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख: आतंकवाद के हर रूप और हर वजह की निंदा की गई।
आतंकवाद को धर्म से न जोड़ें: आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता या समुदाय से जोड़ने का विरोध।
सीमा पार आतंकवाद पर कार्रवाई: आतंकवाद, उसकी फंडिंग और आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई पर जोर।
आतंकियों की खिलाफ कार्रवाई: आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की बात।
यूएन की आतंकरोधी संधि जल्द बने: अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर प्रस्तावित संधि को जल्द अपनाने की मांग।
एकतरफा टैरिफ की निंदा: एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक पाबंदियों पर चिंता दर्ज की। ऐसे कदम WTO के नियमों के अनुरूप होने चाहिए।
परमाणु खतरा: परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे और बढ़ते वैश्विक तनाव पर चिंता जताई गई।
भारत की अध्यक्षता की सराहना: BRICS देशों ने भारत की अध्यक्षता में हुए BRICS प्लस और आउटरीच संवाद की सराहना की।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

रायसेन गोलीकांड का Live वीडियो आया सामने, जेल प्रहरी पर फायरिंग के बाद सिर पर किया अटैक, आंखों में मिर्च डाली