Publish Date: Sun, 04 Dec 2016 (12:40 IST)
Updated Date: Sun, 04 Dec 2016 (12:45 IST)
नई दिल्ली। सरकार के नोटबंदी के कदम से वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) स्टार्टअप्स को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। इन कंपनियों के कारोबार में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में इन कंपनियों की नियुक्ति योजना में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है।
आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1,000 का नोट बंद करने की घोषणा की थी। उसके बाद से ई-वॉलेट कंपनियों मसलन पेटीएम, पेयू इंडिया, मोबीक्विक और फ्रीचार्ज के जीएमवी तथा उनके प्लेटफार्म से लेन-देन में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना कि इस कदम से इन कंपनियों की नियुक्ति जरूरतों तथा कार्यबल पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इसके अलावा कंपनियों के कारोबार में इजाफे से प्रौद्योगिकी से संबंधित पद बढ़ेंगे।
मोबिक्विक के मुख्य परिचालन अधिकारी मृणाल सिन्हा ने कहा, 'हमें जोरदार वृद्धि देखने को मिली है। हमारे उपयोक्ताओं की संख्या चार करोड़ पर पहुंच गई है। हमनें 1,50,000 दुकानदारों को जोड़ा है। इस तरह हम सीधे ढाई लाख रिटेलरों को उपलब्ध हैं।'
एंटल इंटरनेशनल, जयपुर के प्रबंध भागीदार नरेश शर्मा ने कहा, 'पेटीएम और मोबीक्विक ने पहले ही छोटे व्यापारियों तक पहुंचने के लिए कदम उठाए है। इन कंपनियों में बड़े पैमाने पर नए पदों का सृजन होगा।'
पेटीएम, टाइगर ग्लोबल, सैफ पार्टनर्स तथा जीआईसी द्वारा वित्तपोषित डील्स मार्केटप्लेस, लिटल के प्लेटफार्म पर भी नोटबंदी के बाद लेनदेन में जोरदार इजाफा हुआ है। लिटल के मुख्य कार्यकारी एवं सह संस्थापक मनीष चोपड़ा ने कहा, 'निश्चित रूप से प्रतिभाओं की मांग में इजाफा होगा।' (भाषा)