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Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन विधेयक का कांग्रेस ने किया विरोध, कहा- विशेष समुदाय की जमीन पर सरकार की नजर

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , बुधवार, 2 अप्रैल 2025 (17:15 IST)
Congress statement on Wakf Bill : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में बुधवार को आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय की जमीन पर सरकार की नजर है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा वक्फ कानून में संशोधन होने पर देश में मुकदमेबाजी बढ़ेगी। उन्होंने सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि वे यह नहीं कर रहे हैं कि संशोधन की जरूरत नहीं है, बल्कि संशोधन होना चाहिए और हम इसके विरोध में नहीं हैं। गोगोई ने कहा कि यह कानून को और मजबूत बनाने के लिए होना चाहिए लेकिन इस विधेयक से देश में और समस्या बढ़ेगी, मसले बढ़ेंगे और मुकदमेबाजी भी बढ़ेगी।
 
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाषण में राजनीतिक आरोप लगाए और सदन को गुमराह किया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक देखी गई। गोगोई ने कहा कि आपने संप्रग सरकार के कार्यकाल के बारे में जो कुछ भी कहा, उसे साबित करें। आपने बार-बार आरोप लगाया, भ्रम फैलाया। कृपया आप भी सुनने का धैर्य रखें। कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण है।
गोगोई ने आरोप लगाया कि इस विधेयक को लाने का मूल उद्देश्य संविधान को कमजोर करना, भ्रम फैलाना, अल्पसंख्यक समुदायों को अपमानित करना तथा भारतीय समुदाय को विभाजित करना है ताकि हमारे बीच विवाद चलता रहे और मसला बढता रहे। उन्होंने सवाल किया कि लोकसभा में आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं, इसी से पता चल जाएगा कि आपके दिल में (मुसलमानों के प्रति) कितनी संवेदना है?
 
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मंत्री जी ने कहा कि विधेयक लाने से पहले विस्तार से चर्चा की गई, यह पूरी तरह से गुमराह करने वाली बात है। उन्होंने 2023 में हुईं अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की चार बार बैठकों का विवरण सदन के पटल पर रखने की मांग करते हुए दावा किया कि उनमें से एक में भी नए संशोधन विधेयक का जिक्र तक नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि जितनी भी बार बैठक हुई, उनमें एक भी बयान नहीं है कि हमें एक नया वक्फ संशोधन विधेयक चाहिए। नवंबर 2023 तक मंत्रालय ने वाजिब ही नहीं समझा कि नया विधेयक लाने की जरूरत है तो इस विधेयक को किसने बनाया, यह कहां से आ गया? उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के बारे में कहा जा रहा है कि उसमें सबकी राय सुनी गई। उन्होंने दावा किया कि लेकिन विपक्ष के एक भी संशोधन को स्वीकार नहीं किया गया। विभिन्न धाराओं पर एक-एक कर चर्चा भी नहीं हुई।
 
गोगोई ने कहा कि जेपीसी में ऐसे भी लोग थे, जिन्हें वक्फ की कोई जानकारी नहीं थी। कांग्रेस सांसद ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि  इनकी मंशा कुछ और है। आज एक विशेष समुदाय की जमीन पर इनकी नजर है। कल समाज के दूसरे समुदायों की जमीन पर उनकी नजर होगी।
उन्होंने कहा कि वे भाईचारे के वातावरण को तोड़ना चाहते हैं, विधेयक लाने के पीछे यही उनका राजनीतिक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद देश में मसले बढ़ेंगे और मुकदमेबाजी बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिसने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, 1857 में मंगल पांडे की शहादत का साथ दिया, जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में साथ दिया, दांडी यात्रा का समर्थन किया, भारत के बंटवारे का विरोध किया, आप उस कौम पर दाग लगा रहे हैं।
 
गोगोई ने सत्तारूढ़ दल पर प्रहार करते हुए कहा कि आपने भारत छोड़ो आंदोलन (1942) का समर्थन नहीं किया लेकिन उस कौम (मुस्लिम) ने इसका समर्थन किया था, जबकि आप अंग्रेजों को दया याचिका दे रहे थे। जिस कौम ने जिन्ना के 'द्विराष्ट्र सिद्धांत' को पूरी तरह से नकार दिया, आप उस कौम पर दाग लगा रहे हैं। यही है आपकी बांटो और राज करो की नीति।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले देश में विभिन्न जगहों पर लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी, लेकिन जिन राज्यों में इनकी (भाजपा) 'इबल इंजन' सरकार है वहां सड़कों पर लोगों को ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई।(भाषा)
Edited By : Chetan Gour

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