Hanuman Chalisa

गूगल ने 'चिपको आंदोलन' पर बनाया डूडल

Webdunia
सोमवार, 26 मार्च 2018 (14:10 IST)
नई दिल्ली।  'चिपको आंदोलन' की 45वीं वर्षगांठ पर सर्च इंजन गूगल ने डूडल बना लोगों को इस महत्वपूर्ण आंदोलन की एक बार फिर याद दिलाई और आज के दौर में इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। ग्लोबल वॉर्मिंग, जलवायु परिवर्तन जैसी कई समस्याओं के कारण आज भी न केवल इस आंदोलन की प्रासंगिकता कायम है बल्कि इसका महत्व पहले से कई अधिक बढ़ गया है। ऐसे में गूगल का यह डूडल हमें पर्यावरण के प्रति हमारी कम होती सतर्कता को एक बार फिर जीवित करने का एक प्रयास प्रतीत होता है।
 
मानव जीवन के लिए जंगलों और पेड़ों की अनिवार्यता को सशक्त रूप से पेश करने वाले 'चिपको आंदोलन' की शुरुआत वर्ष 1973 में चमोली से हुई थी। पर्यावरणविद् और गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता चंडीप्रसाद भट्ट ने 1973 में मंडल गांव के पास इस आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस आंदोलन से सुन्दरलाल बहुगुणा दुनियाभर में सुर्खियों में आए और आंदोलन विश्व में चर्चा का विषय बना। जंगल के ठेकेदारों के खिलाफ इस आंदोलन में लोग पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे चिपककर खड़े हो जाते थे।
 
'चिपको आंदोलन' में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और इस तरह संघर्ष से दीक्षा प्राप्त कर महिलांए जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ीं और इसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने अपने डूडल में ग्रामीण महिलाओं को पेड़ से चिपके हुए दिखाया है। ऐसा माना जाता है कि आंदोलन की प्रेरणा राजस्थान के बिश्नोई समाज के खेजड़ी वृक्ष को बचाने के लिए किए गए आंदोलन से ली गई थी, जो कि अब लुप्त होने की कगार पर है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Electric Vehicle से कैसे होगी 50000 से 1 लाख रुपए तक की कमाई, कौनसे हैं बिजनेस आइडियाज, क्या-क्या काम किया जा सकता है

क्या मोदी ने पुतिन को परमाणु हमले से रोका था? पोलैंड के उपविदेश मंत्री का सनसनीखेज दावा

खुशखबर... अब बिना कनेक्शन के भी मिलेगा LPG सिलेंडर, ऑनलाइन होगी डिलीवरी, जानिए क्‍या है प्रोसेस?

तीसरा बच्चा होने पर चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य, नियम पर Supreme Court ने क्या कहा, क्यों बताया गैर जरूरी

Bajaj Chetak और TVS iQube को मिलेगी कड़ी टक्कर, Ather 29 अगस्त को लॉन्च करेगा सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर

सभी देखें

नवीनतम

Weather Update News : दिल्ली में लौटी उमस, MP समेत इन राज्‍यों में धीमा हुआ मानसून, यहां भारी बारिश का अलर्ट

'श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे'—मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर बवाल, गीता के श्लोक की व्याख्या पर छिड़ी बहस

सोनम वांगचुक का बड़ा संदेश, संसद मार्च में साथ चलने की अपील, आज जंतर-मंतर पहुंचेंगे केजरीवाल

149वीं अहमदाबाद रथयात्रा विशेष : क्यों 15 दिनों तक बीमार रहते हैं भगवान और क्या है सरसपुर का नाता?

योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से यूपी को मिली नई पहचान, भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल

अगला लेख