Publish Date: Mon, 26 Jun 2017 (10:26 IST)
Updated Date: Mon, 26 Jun 2017 (10:31 IST)
सुकमा/ बीजापुर/ दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बस्तर में 56 घंटे चले ऑपरेशन 'प्रहार' में 24 से ज्यादा नक्सलियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने मार गिराया। इस ऑपरेशन में 3 जवान शहीद हुए और 7 जवान घायल हुए।
डीजी (नक्सल) डीएम अवस्थी ने रायपुर में और आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बस्तर में कार्रवाइयों की जानकारी दी। दोनों अधिकारियों के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में कई बड़े कमांडर भी शामिल हो सकते हैं। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है।
रविवार (25 जून) को बीजापुर के तररेम में हुए 2 आईईडी विस्फोट में जहां 3 जवान घायल हुए तो वहीं 1 जवान के पैर में गोली लगी जिसको चौपर से रेस्क्यू किया गया। इसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक केएल ध्रुव ने की। उन्होंने यह भी बताया कि आईईडी विस्फोट कर भाग रहे 1 नक्सली को कैसे जवानों ने मौके पर ही मार गिराया।
इस ऑपरेशन को एसटीएफ, डीआरजी और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। इसे दो जगह बीजापुर और सुकमा जिले में एकसाथ शुरू किया गया। आईजी सिन्हा ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ कि सुरक्षाबल तोंडामरका तक पहुंचने में कामयाब रहे। तोंडामरका को नक्सलियों की मांद माना जाता है, जहां आज तक सुरक्षाबल नहीं पहुंच पाए थे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ऑपरेशन की समाप्ति पर जवानों के शौर्य की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी रणनीति बनाकर ऑपरेशन चला रही है। इनकी सीधी लड़ाई नक्सलियों से है। पहली बार हमारे जवान इतने अंदर तक गए हैं। ये इलाका नक्सली लीडर हिड़मा का है। जवानों की शहादत पर उन्होंने कहा कि हमसे ज्यादा नुकसान उनका हुआ है।
नक्सली नेता गणेश उइके सहित उसके साथी फिर पुलिस के घेरे से बच निकले। बीजापुर और दंतेवाड़ा की ज्वॉइंट फोर्स बीजापुर के डोडी तुमनार जंगल में गणेश उइके को घेरने 4 दिन से डेरा डाला था, लेकिन कैंप में पुलिस पहुंचने से पहले वह फरार हो गया।
नक्सलियों का थिंक टैंक माना जाने वाला गणेश उइके ने एक बार फिर फोर्स को चकमा दिया। इससे पहले भी उसे बैलाडिला के तराई में घेरने की कोशिश की गई थी। मौके से पुलिस ने ग्रेनेड, लेथ मशीन, मिक्सर सहित अन्य नक्सल सामग्री जब्त की है। (एजेंसी)