Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
भोपाल। खबर का शीर्षक और मोदी सरकार के मंत्रिमंडल की यह तस्वीर देखकर आप बेशक समझ ही गए होंगे कि हम खबर में किस व्यक्ति के बारे में बात करने जा रहे हैं। ‘चुनावी चाणक्य’ कहलाने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह क्या अब सियासत में ‘चंद्रगुप्त’ बनने की राह पर हैं, ये सवाल अब सियासी गलियारों में पूछा जाने लगा है।
मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने के लिए पहुंचे अमित शाह का अभिवादन प्रधानमंत्री समेत उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने जिस तरह किया, उसमें कई संदेश छिपे माने जा रहे हैं।
पंचायत से लेकर संसद तक भाजपा का एकछत्र राज कराने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के हाथों में अब बतौर गृहमंत्री देश के गृह मंत्रालय की कमान है जिसे प्रधानमंत्री के बाद दूसरा सबसे पॉवरफुल व्यक्ति माना जाता है। ऐसे में सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि अमित शाह, जिनके नेतृत्व में भाजपा ने एक तरह चमत्कार करते हुए पहले लगभग 21 प्रदेशों में भगवा का झंडा लहराने के बाद लोकसभा चुनाव में पहली बार संसद में 300 का आंकड़ा पार कर लिया, क्या नरेंद्र मोदी के बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे?
इस सवाल पर वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक गिरिजाशंकर कहते हैं कि इस बार जिस तरह कैबिनेट में संगठन के चाणक्य कहलाने वाले अमित शाह को नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को बायपास करते हुए गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है उससे अब साफ तौर पर अमित शाह नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित हो चुके हैं।
गिरिजाशंकर आगे कहते हैं कि यह भी माना जा रहा है कि अब व्यावहारिक तौर पर अमित शाह सरकार में प्रधानमंत्री के लिए सारी चीजें देखेंगे। ऐसे में ये सवाल अब अपने आप ही खत्म हो गया हैं कि हू ऑफ्टर नरेंद्र मोदी? अमित शाह विल भी ऑफ्टर नरेंद्र मोदी..
यह अब एक तरह से घोषित हो चुका है, बस देखना होगा कि यह होगा कब। गिरिजाशंकर कहते हैं कि दिलचस्प बात यह है कि अमित शाह के बाद पार्टी अध्यक्ष कौन होगा, यह सवाल अभी भी बना हुआ है लेकिन नरेंद्र मोदी के बाद कौन होगा ये सवाल अब खत्म हो गया है। मंत्रिमंडल में नंबर एक की पोजिशन मिलने के साथ ही शाह एक तरह से नरेंद मोदी के उत्तराधिकारी घोषित हो गए हैं।