केजरीवाल से मुलाकात के बाद क्या बोले शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे
कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन रिश्ते बरकरार रहते हैं। हमने दोस्त होने के नाते केजरीवाल से मुलाकात की। हालांकि हमारा लोकतंत्र स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है। चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं हैं
Publish Date: Thu, 13 Feb 2025 (14:35 IST)
Updated Date: Thu, 13 Feb 2025 (15:12 IST)
Aditya Thackeray met Kejriwal: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से दोस्त होने के नाते गुरुवार को मुलाकात की। ठाकरे ने चुनाव संबंधी अनियमितताओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने केजरीवाल से मुलाकात के बाद कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन रिश्ते बरकरार रहते हैं। हमने दोस्त होने के नाते केजरीवाल से मुलाकात की। हालांकि हमारा लोकतंत्र स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है। चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं हैं।
गठबंधन के भविष्य पर चर्चा की : ठाकरे के साथ शिवसेना (उबाठा) के वरिष्ठ नेताओं संजय राउत एवं प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई अन्य नेता थे। उन्होंने दिल्ली में हुए हालिया विधानसभा चुनाव और विपक्षी इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के भविष्य पर चर्चा की।
भाजपा ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 48 सीटें जीतीं : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 5 फरवरी को हुए चुनाव में दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 48 सीटें जीतकर सत्ता में आई और 'आप' को 22 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और 'आप' इंडिया के घटक हैं जिसका गठन पिछले साल के लोकसभा चुनावों से पहले हुआ था।
ठाकरे ने निर्वाचन आयोग (ईसी) पर महाराष्ट्र, हरियाणा, ओडिशा और दिल्ली सहित कई राज्यों में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने लोगों से वोट देने का अधिकार छीन लिया है। वह इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले को औपचारिक रूप से उठाएगा। ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव देश के लिए आवश्यक हैं।(भाषा)(फोटो सौजन्य : ट्विटर)
Edited by: Ravindra Gupta