Publish Date: Sat, 23 Jun 2018 (11:09 IST)
Updated Date: Sat, 23 Jun 2018 (11:18 IST)
नई दिल्ली। मोदी सरकार आने वाले समय में एयर कंडीशनर के लिए तापमान का सामान्य स्तर 24 डिग्री नियत कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो देश भर में रोज करोड़ोंं यूनिट बिजली की बचत होगी। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मोदी सरकार का मानना है कि एसी का इतना कम तापमान न तो स्वास्थ्य के लिए ठीक है और न ही बिजली के खर्चे के नजरिए से। बिजली मंत्रालय ने फैसला किया है कि वो एसी बनाने वाली सभी कंपनियों और उन्हें इस्तेमाल करने वाले बड़े उद्यमों के लिए एक एडवाइरी जारी करेगी। इसमें एसी का डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री रखने की सलाह दी जाएगी।
बिजली मंत्रालय का कहना है कि इसे जागरूकता अभियान के तौर पर चलाया जाएगा जिसे 4 - 6 महीने तक जारी रखा जाएगा। इसके बाद सरकार लोगों से राय लेकर इसे नियम बनाकर अनिवार्य कर सकती है। इसके बाद कोई भी एसी निर्माता एसी का डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं रख पाएगा।
बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने एयर कंडीशन के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने का अभियान शुरू करते हुए कहा, एयर कंडीशनर में तापमान ऊंचा करने से बिजली खपत में 6 फीसद की कमी आती है।
एसी बनाने वाली प्रमुख कंपनियों एवं उनके संगठनों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि शरीर का सामान्य तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस है लेकिन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, होटल तथा दफ्तरों में तापमान 18 से 21 डिग्री रखा जाता है। यह न केवल तकलीफदेह है बल्कि वास्तव में अस्वास्थ्यकर भी है। इस तापमान में लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़ते हैं।
आर के सिंह ने इसे ऊर्जा की बर्बादी बताते हुए कहा कि जापान जैसे कुछ देशों में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रखने के लिए नियम बनाए गए हैं। बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाला ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने इस संदर्भ में एक अध्ययन कराया है और एसी में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने की सिफारिश की है।